
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आया है। दीपक के परिवार ने आश्रम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपक की मां ने कहा कि उन्हें दो वर्ष से बेटे से मिलने नहीं दिया गया।
दीपक की मां ने कहा कि वह दो बार मिलने आईं, लेकिन आश्रम ने अनुमति नहीं दी। बेटे के शव को देखकर वह दहाड़ मारकर रो पड़ीं। दीपक के भाई ने एसपी सिटी को प्रार्थना पत्र देकर आश्रम पर न मिलने देने का आरोप लगाया है और मृत्यु के कारणों की जांच की मांग की है।
दीपक लोढ़ा, जो नर्मदा बस्ती फरहदुली का निवासी था, वह संत प्रेमानंद के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के निकट गुरुकृपा कुंज के चार मंजिला अपार्टमेंट में अन्य शिष्यों के साथ रह रहा था। शुक्रवार सुबह उसने टाइल्स काटने वाले ग्राइंडर से अपना गुप्तांग काटा और चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली।
गुप्तांग काटने और आत्महत्या की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आत्महत्या करनी थी, तो गुप्तांग क्यों काटा गया? शनिवार को शव विच्छेदन गृह पर दीपक की मां लौंगाबाई ने कहा कि दीक्षा लेने के बाद से उनका बेटे से संपर्क नहीं हुआ। वह एक बार दीक्षा के कुछ दिन बाद आए, लेकिन आश्रम वालों ने मिलने नहीं दिया। दूसरी बार इसी वर्ष पुरुषोत्तम मास में आए, फिर भी बेटे से नहीं मिलाया गया।
एसपी सिटी को भाई मनीष ने प्रार्थना पत्र देकर मृत्यु की हर पहलू से जांच की मांग की है। एसपी ने बताया कि मृत्यु के कारण स्पष्ट नहीं हैं और गुप्तांग काटने का मामला गंभीर है। मृतक के मोबाइल की सीडीआर भी निकाली जा रही है। स्वजन ने वृंदावन के केशीघाट पर अंतिम संस्कार किया।
सीसीटीवी फुटेज में रसिक दुलारी शरण सुबह 10.25 बजे कमरे से बाहर निकलते हुए दिखाई दिए। उनके कपड़े खून से सने थे। वह 11 मिनट तक बेचैन रहे और फिर चौथी मंजिल की छत से कूद गए। पुलिस ने कमरे में भजन चलने की पुष्टि की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर, पीठ और पैर पर चोट के निशान मिले हैं।
सीसीटीवी में आत्महत्या से पूर्व रसिक दुलारी शरण सुबह 10.25 बजे कमरे से बाहर निकलते दिखाई दिए हैं। उनके कपड़े खून से सने थे। वह कमरे के बाहर 11 मिनट तक बेचैन टलहते रहे। इसके बाद चौथी मंजिल की छत पर पहुंचे। यहां 10 सेकेंड बैठे और फिर छत से छलांग लगा दी। साथियों ने उसका कमरा बंद कर दिया।
पुलिस का कहना है कि जब कमरा खुलवाया तो मोबाइल में भजन चल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पीठ और पैर समेत अन्य स्थानों पर चोट के निशान मिले है। ऐसा इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण भी हो सकता है।