
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। शहर में पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए करीब 16 करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई तीन मल्टीलेवल कार पार्किंग भी शहर की सड़कों को वाहनों के बोझ से मुक्त नहीं करा पाई हैं। सिविक सेंटर, मानस भवन और भंवरताल में तैयार की गई इन अत्याधुनिक पार्किंग के बावजूद सड़क पर वाहन खड़े किए जा रहे हैं। इससे एक तरफ यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी तरफ करोड़ों रुपये की लागत से तैयार पार्किंग के उपयोग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
हाल ये है कि उक्त तीनों पार्किंग में महज निर्धारित क्षमता की तुलना में 40 से 45 प्रतिशत कारें ही खड़ी की जा रही हैं। शेष जगह खाली है। फिर भी लोग खाली पार्किंग में कारें खड़ी करने की बजाये सड़क किनारे ही खड़ी कर रहे हैं। जिससे मुख्य सड़कों पर जाम के हालात बन रहे हैं। नगर निगम और पुलिस प्रशासन भी अवैध पार्किंग के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। दूसरी ओर शहर में नगर निगम भी 16 पेड पार्किंग विकसित करने का सब्जबाग तो दिखा रहा है परंतु ये योजना भी फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकी है।
शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए बनाई गई मल्टीलेवल पार्किंग में आस-पास के उन लोगों ने अपनी कारें खड़ी कर रखी है जिनके घरों में या आस-पास कारें खड़ी करने की जगह नहीं है। सिविक सेंटर स्थित 87 कार क्षमता वाली मल्टीलेवल पार्किंग में ही 50 कारें पिछले तीन माह से खड़ी है। शेष जगह खाली है। रोजाना इसमें बमुश्किल एक-दो कारें ही खड़ी होती हैं।
भंवरताल मल्टीलेवल पार्किंग की क्षमता 100 कारें खड़ी करने की है यहां भी 32 कारें ही खड़ी मिलीं। शेष पार्किंग स्लाट खाली रहें। 37 कार क्षमता की मानस भवन पार्किंग के भी यही हाल है। बताया जाता है कि एक माह तक कारें खड़ी करने के एवज में एसयूपी कारों का 2400 और साधारण कारों का 2000 रुपये किराया लिया जाता है। जबकि पार्किंग शुल्क चार घंटे का महज 30 रुपये है। फिर भी आम नागरिक इस पार्किंग व्यवस्था का उपयोग नहीं कर रहे हैं।
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सिविक सेंटर
मानस भवन
भंवरताल
ऐसा है पार्किंग शुल्क