
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। पारले-जी फैक्ट्री में लगी आग से उस वक्त आस-पास के फैक्ट्री के जिस हिस्से में आग लगी थी और उसमें तैयार करीब एक हजार टन के बिस्किट व पैकेजिंग मटेरियल सहित अन्य सामान रखा हुआ था।
मशीनेें व आयल सहित अन्य ज्वलनशील सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से भड़की जिससे गोदाम का शेड भी धमाके के साथ उड़ गया। धमाका सुनकर लोग दहल गए।
प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार फैक्ट्री में बिस्किट बनाने के लिए बड़ी मात्रा में खाद्य मटेरियल, पैकेजिंग मैटेरियल और खाद्य तेल सहित ज्वलनशील सामग्री भी थी जिसके कारण आग तेजी से फैली।
गनीमत रही कि फैक्ट्री में सोमवार को छुट्टी होने के कारण कर्मचारियों की संख्या कम थी। घटना के समय केवल 12 से 15 कर्मचारी ही मौजूद थे।
फैक्ट्री संचालक रामगोपाल अग्रवाल का कहना है कि काम नहीं हो रहा था, केवल मशीनों का मेंटेनेंस चल रहा था। इसलिए जैसे ही आग लगी, मौके पर मौजूद सभी कर्मचारी बाहर निकल गए। इस वजह से भीषण आग के बावजूद किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
आग फैक्ट्री के एक हिस्से में लगी थी। आग मशीनरी पार्ट व ज्वलशील टैंको तक पहुंच पाती उसके पहले ही नगर निगम के दमकल कर्मियों ने आग बुझाना शुरू कर दिया।
अग्नि शमन अधिकारी कुशाग्र ठाकुर ने बताया कि नगर निगम के दमकल कर्मियों ने पीछे के हिस्से से पहले खिड़कियोंं से फिर दीवार तोड़ कर नोजल पाइपों की सहायता से पानी की बौछारें की और उस हिस्से में आग को जाने से रोका जहां आग बढ़ने की संभावना थी। करीब छह से सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। परंतु देर रात तक आग रह-रहकर धंधकती रही
बताया जाता है कि आग का विकराल रूप देखते हुए फैक्ट्री व व आस-पास से दमकल वाहन बुलवाए गए वहीं रिछाई में संचालित कोकाकोला व अन्य फैक्ट्रियों से पानी लिया गया। अन्य जल स्रोतों से भी करीब 30 से ज्यादा बार टैंकर रिफील किए गए।
उद्यमियों के अनुसार पारले जी फैक्ट्री का संचालन आशीष अग्रवाल और रामगोपाल द्वारा किया जा रहा था। इस अग्नि हादसे में करीब एक हजार टन का तैयार माल सहित कीमती मशीनें भी जल गईं।
बताया जाता है कि रिछाई स्थित फैक्ट्री में इसके पहले वर्ष 2012 में भी आग लग चुकी है। गोदाम में सुबह के समय अचानक आग भड़क उठी थी। तब दमकल की गाड़ियों को आग पर काबू पाने में करीब दो घंटे का समय लगा था।
रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में अक्सर होेने वाले अग्नि हादसे पर महाकौशल उद्योग संघ के पदाधिकारियों एवं उद्योगपतियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
संघ अध्यक्ष डीआर जेसवानी ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र रिछाई में फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग वर्षों से की जा रही है। तत्कालीन उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के जबलपुर प्रवास के दौरान आयोजित बैठक में भी फायर स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया था, जिसमें प्रशासनिक एवं उद्योग विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। इसके बावजूद आज तक फायर स्टेशन स्थापित नहीं हो सका।
उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उद्योगों से राजस्व लेने के बावजूद उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने संबंधित विभागों से जवाबदेही तय कर तत्काल फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग की।
अतुल गुप्ता, अशोक परियानी, प्रवीण कुमार शर्मा, विकास मित्तल, भानु शुक्ला, रवि वैश्य, अभिषेक शुक्ला, संतोष केसरवानीसहित अनेक उद्योगपति उपस्थित रहे। सभी ने औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पुरजोर मांग की।
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