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जबलपुर के फ्लाईओवर पर आवाजाही और नीचे हादसों का रास्ता, अब तक आठ मौतें; 21 गंभीर दुर्घटनाएं

शहर में यातायात को सुगम बनाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाए गए, लेकिन इनके नीचे और आसपास की सड़कों पर यातायात व्यवस्था अब भी चुनौती बन...और पढ़ें

By Pankaj TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 05:48:03 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 05:48:03 PM (IST)
जबलपुर के फ्लाईओवर पर आवाजाही और नीचे हादसों का रास्ता, अब तक आठ मौतें; 21 गंभीर दुर्घटनाएं
कहीं रांग साइड से गुजरते वाहन दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रहे हैं। नईदुनिया

HighLights

  1. अंधमूक बायपास पर दो साल में आठ मौतें
  2. सर्विस रोड पर भारी वाहन बन रहे वजह
  3. रांग साइड आवाजाही भी बढ़ा रही खतरा

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। कहीं सर्विस रोड पर भारी वाहन खड़े हैं, कहीं फ्लाईओवर के नीचे चाय-पान और फल के ठेलों ने जगह घेर रखी है, तो कहीं रांग साइड से गुजरते वाहन दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ा रहे हैं।

क्‍या कहती है यातायात पुलिस की रिपोर्ट

यातायात पुलिस की रिपोर्ट बताती है कि फ्लाईओवर और बायपास के आसपास केवल निर्माण कार्य पर्याप्त नहीं है। सुरक्षित टर्निंग, सर्विस रोड, प्रकाश व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने और यातायात अनुशासन पर भी उतना ही ध्यान देना जरूरी है।

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फ्लाईओवर यातायात प्रबंधन की चुनौती

यातायात पुलिस के दस्तावेज में इस ब्लैक स्पाॅट पर वर्ष 2023 से 2025 के बीच आठ मौतें और 21 गंभीर दुर्घटनाएं दर्ज हैं। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच भी यहां दो मौतें और चार गंभीर दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। यानी फ्लाईओवर के आसपास यातायात प्रबंधन की चुनौती बनी हुई है।

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दोनों ओर रांग साइड से वाहनों का निकलना

रिपोर्ट में अंधमूक बायपास पर चार प्रमुख समस्याएं दर्ज की गई हैं। चौराहे और पुल के नीचे चाय-पान व फल की दुकानें लगना, बाहर से आने वाली बसों का पुल के पास यात्रियों को उतारना और बैठाना, सर्विस रोड पर भारी वाहनों का मरम्मत के लिए खड़ा रहना तथा फ्लाईओवर के दोनों ओर रांग साइड से वाहनों का निकलना। नो एंट्री के दौरान मालवाहक वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होना भी समस्या है।


  • यातायात पुलिस के अनुसार, यहां स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं।
  • अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों को हटाने की कार्रवाई होती है।
  • दुर्घटनाजन्य क्षेत्र के चेतावनी बोर्ड रोटरी का निर्माण कराया है।

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पार्किंग स्थल विकसित करने जैसे कार्य प्रस्तावित

रिपोर्ट में पुल के चारों ओर अतिक्रमण हटाने, फ्लाईओवर से 500 मीटर तक आटो पार्ट्स और सर्विसिंग सेंटर हटाने, बसों के चढ़ने-उतरने के लिए निर्धारित स्थान बनाने, ट्रैफिक सिग्नल और यातायात चौकी की व्यवस्था करने तथा पार्किंग स्थल विकसित करने जैसे कार्य प्रस्तावित हैं।

पाटन और कटंगी बायपास पर भी अधूरे इंतजाम

पाटन और कटंगी बायपास पर भी फ्लाईओवर के नीचे यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए रोटरी, साइड रोड और प्रकाश व्यवस्था से जुड़े काम जरूरी बताए गए हैं। यातायात विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, इन स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के वापस लौटते ही फिर दुकाने

ठेले और अन्य अस्थायी कब्जों को स्थाई रूप से नहीं हटाया जा रहा है कब्जे हटाने की कार्रवाही के दौरान तक सब साफ हो जाता है लेकिन पुलिस के वापस लौटते ही फिर दुकाने सज जाती है।

यातायात को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण

खजरी बायपास पर स्थिति अलग है। यहां फ्लाईओवर का निर्माण कार्य किया जा रहा है है। ऐसे में निर्माण क्षेत्र के आसपास अतिक्रमण हटाने और यातायात को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है।

सवाल निर्माण का नहीं, पूरी व्यवस्था का

फ्लाईओवर का उद्देश्य यातायात को तेज और सुरक्षित बनाना है, लेकिन उसके नीचे की सड़क पर यदि भारी वाहन खड़े हों, बसें मनमाने तरीके से यात्रियों को उतारें और वाहन रांग साइड से निकलें, तो दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा।

केवल ढांचा तैयार कर देना पर्याप्त नहीं

अंधमूक बायपास के आंकड़े बताते हैं कि केवल ढांचा तैयार कर देना पर्याप्त नहीं है। सुरक्षित टर्निंग, निर्धारित पार्किंग, बस स्टाप, सर्विस रोड और अतिक्रमण नियंत्रण को एक साथ लागू करना होगा।

आइए जानते हैं आंकड़ों का आधार

यातायात पुलिस की रिपोर्ट में अंधमूक बायपास पर 2023-2025 के दौरान आठ मौतें और 21 गंभीर दुर्घटनाएं तथा जनवरी-अगस्त 2026 में दो मौतें और चार गंभीर दुर्घटनाएं दर्ज हैं। पाटन और कटंगी बायपास के लिए भी रोटरी, साइड रोड, प्रकाश और अतिक्रमण नियंत्रण से संबंधित काम दर्ज हैं।

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