• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

त्विषा केस : सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल में ट्रायल पर लगाई रोक, पिता की ट्रांसफर पिटीशन पर सुनवाई

दोनों पक्षों ने तत्काल बहस के लिए अपनी तैयारी भी जताई, लेकिन लिखित आदेश उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई।

By Surendra DubeyEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 06:39:02 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 06:39:02 PM (IST)
त्विषा केस : सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल में ट्रायल पर लगाई रोक, पिता की ट्रांसफर पिटीशन पर सुनवाई
गिरिबाला सिंह की जमानत पर निर्णय हाई कोर्ट को करना है।

HighLights

  1. पूर्व जज गिरीबाला सिंह की जमानत पर अब 26 अक्टूबर को सुनवाई
  2. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को दो सप्ताह में निर्णय लेने के निर्देश दिए
  3. दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में शुक्रवार को नया न्यायिक मोड़ आ गया। त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा ने भोपाल में चल रहे मामले को स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर पिटीशन दायर की है।

भोपाल में चल रहे ट्रायल पर रोक

इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल में चल रहे ट्रायल पर रोक लगा दी और नोटिस जारी किया। उधर, मामले में आरोपित पूर्व न्यायाधीश गिरीबाला सिंह की जमानत पर हाई कोर्ट में सुनवाई 26 अक्टूबर तक टल गई।


शुक्रवार को हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष गिरिबाला सिंह की जमानत सुनवाई के लिए आई। इस दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी।

सुप्रीम कोर्ट का लिखित आदेश अपलोड नहीं हुआ था

सुनवाई के समय तक सुप्रीम कोर्ट का लिखित आदेश अपलोड नहीं हुआ था। इसके चलते हाई कोर्ट ने आदेश का अवलोकन करने के बाद सुनवाई करने का निर्णय लिया। अब अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे निर्धारित की गई है।

दो सप्ताह में जमानत पर निर्णय के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को गिरिबाला सिंह की जमानत पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि ट्रायल पर रोक के बावजूद जमानत पर हाई कोर्ट में सुनवाई की जा सकती है। दोनों पक्षों ने तत्काल बहस के लिए अपनी तैयारी भी जताई, लेकिन लिखित आदेश उपलब्ध नहीं होने के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई।

सीबीआई, गिरिबाला और समर्थ सिंह प्रतिवादी

नवनिधि शर्मा की ट्रांसफर पिटीशन में सीबीआई, गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को प्रतिवादी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति जायमाल्य बागची की युगलपीठ ने की। प्रकरण में सीबीआई की जांच और ट्रायल की कार्यवाही को लेकर उठे सवालों पर अब सुप्रीम कोर्ट के आगामी आदेश महत्वपूर्ण होंगे।

ट्रायल पर रोक का अर्थ जमानत नहीं

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रायल पर रोक लगाए जाने को गिरिबाला सिंह को जमानत मिलने के रूप में नहीं देखा जा सकता। उनकी जमानत पर निर्णय हाई कोर्ट को करना है। त्विषा की मौत के मामले में सीबीआई ने आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 भी जोड़ी है। अब 26 अक्टूबर को हाई कोर्ट की सुनवाई और सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश के बाद मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होगी।

यह भी पढ़ें- जबलपुर में मदन महल फ्लाईओवर पर रांग साइड से आ रहा डंपर बना काल, तीन दोस्‍तों को मारी टक्‍कर; एक की मौत