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त्विषा शर्मा डेथ केस : पूर्व जिला सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत पर CBI की आपत्ति

न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ के समक्ष प्रकरण सूचीबद्ध है। जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सीबीआई की ओर से लिखित आपत्ति पेश की गई है।

By Dheeraj kumar BajpaiEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 28 Sep 2026 08:50:46 PM (IST)Updated Date: Mon, 28 Sep 2026 08:50:46 PM (IST)
त्विषा शर्मा डेथ केस : पूर्व जिला सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत पर CBI की आपत्ति
मामले की जांच राज्य सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है।

HighLights

  1. हाई कोर्ट में आज सुनवाई संभावित
  2. जांच प्रभावित करने के भी थे आरोप
  3. साक्ष्य मिटाने का लगाया था आरोप

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई संभावित है।

अनावेदकों ने अपने पद का दुरुपयोग किया

सीबीआई ने अपनी आपत्ति में आरोप लगाया है कि अनावेदकों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया व घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य मिटाने की कोशिश की।

12 मई को आत्महत्या कर ली थी बहू त्विषा शर्मा ने

जांच एजेंसी ने यह आशंका भी जताई है कि जमानत मिलने के बाद अनावेदिका देश से बाहर जा सकती हैं। उल्लेखनीय है कि गिरिबाला सिंह की बहू त्विषा शर्मा ने 12 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

चुनौती देने वाली अर्जी हाई कोर्ट में दायर की थी

मामले में पुलिस ने गरिबाला सिंह और उनके बेटे के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। पूर्व न्यायाधीश को पहले अग्रिम जमानत का लाभ मिला था। इसके बाद अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली अर्जी हाई कोर्ट में दायर की गई थी। साथ ही मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग भी की गई थी।

न्यायाधीश को मिली अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी

हाई कोर्ट ने दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था। बाद में हाई कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश को मिली अग्रिम जमानत निरस्त कर दी थी। मामले की जांच राज्य सरकार ने सीबीआई को सौंप दी है। अब सीबीआई की आपत्ति और जमानत अर्जी पर कोर्ट द्वारा सुनवाई की जानी है।


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