• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • जबलपुर

मेडिकल काॅलेज जबलपुर में यूनिकान्डिलर नी रिप्लेसमेंट अब संभव, मरीजों को मिलेगी राहत

अभी तक इंदौर के सरकारी अस्पताल में इस तरह की सुविधा है। इसमें एक छोटे से चीरे से काम हो जाता है और रिकवरी तेज होती है।

By Alok BanerjeeEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 07:12:48 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 07:12:48 PM (IST)
मेडिकल काॅलेज जबलपुर में यूनिकान्डिलर नी रिप्लेसमेंट अब संभव, मरीजों को मिलेगी राहत
चिकित्सकों को जानकारी देते हुए सर्जन डाॅ. हेमंत मंडोवरा। नईदुनिया

HighLights

  1. नई तकनीकें और उपचार के बेहतर विकल्प सामने आ रहे हैं
  2. निजी में ढाई से तीन लाख में होती है, सरकारी अस्पताल में निश्शुल्क
  3. सटीक सर्जिकल प्लानिंग उपचार के परिणाम के लिए बेहद महत्वपूर्ण

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रदेश के सबसे पुराने व महाकोशल के प्रमुख नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल काॅलेज में अब यूनिकान्डिलर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी संभव है।

इस सर्जरी में 40 से 45 मिनट लगते हैं

आमतौर पर इस सर्जरी में 40 से 45 मिनट लगते हैं लेकिन चूंकि इस सर्जरी को लेकर हमें संबंधित चिकित्सकों को समझाना भी था तो करीब एक घंटा लगा। यह यूनिकान्डिलर नी रिप्लेसमेंट सर्जरी एक 56 साल के एक मरीज की हुई और लाइव 60 से 70 चिकित्सकों से जानकारी साझा की गई।

यह बात शनिवार को लाइव वर्कशाप का संचालन कर रहे मध्य भारत के प्रसिद्ध ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डाॅ. हेमंत मंडोवरा ने प्रेसवार्ता में कही।

नवीनतम विधियों पर केंद्रित वर्कशाप

आर्थोपेडिक सर्जरी के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और घुटना प्रत्यारोपण की नवीनतम विधियों पर केंद्रित एक दिवसीय यूनिकान्डिलर नी रिप्लेसमेंट वर्कशाप का आयोजन शनिवार को एक निजी होटल में हुई।

लाइव सर्जरी के बाद प्रेसवार्ता में मेडिकल काॅलेज आर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष डाॅ. केके पांडे, एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. दिगंबर पीपरा की मौजूदगी में डाॅ. हेमंत मंडोवरा ने बताया कि यह नई तकनीक है और निजी में यह सर्जरी ढाई से तीन लाख में होती है, जबकि सरकारी अस्पताल में निश्शुल्क है।

मरीजों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प


यूनिकॉन्डिलर नी रिप्लेसमेंट उन चुनिदा मरीजों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प है, जिनके घुटने का डैमेज किसी एक हिस्से तक सीमित रहता है। ऐसे मामलों में मरीज का सही चयन और सटीक सर्जिकल प्लानिंग उपचार के परिणाम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।

व्यावहारिक बारीकियों को समझने का अवसर

इस वर्कशाप में लाइव सर्जरी और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के माध्यम से सर्जन्स को इस तकनीक की व्यावहारिक बारीकियों को समझने का अवसर मिला।

नई तकनीक की जानकारी के साथ व्यावहारिक ज्ञान

डा केके पांडे ने कहा इस तरह की शैक्षणिक वर्कशाप के माध्यम से चिकित्सकों को नई तकनीक की जानकारी के साथ उन्हें व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिले, ताकि इसका लाभ भविष्य में मरीजों को बेहतर उपचार के रूप में मिल सके।

आर्थोपेडिक सर्जन एवं वर्कशाप के आयोजन सचिव डाॅ. उत्सव कटकवार ने कहा सर्जरी में लगातार नई तकनीकें और उपचार के बेहतर विकल्प सामने आ रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों के बीच अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान मरीजों के उपचार को और बेहतर बनाने में मदद करता है।

लाइव सर्जरी व ट्रेनिंग रही खास

वर्कशाप की खासियत लाइव सर्जरी और सा बोन हैड्स-आन ट्रेनिंग रही। लाइव सर्जरी के माध्यम से प्रतिभागी यूनिकान्डिलर नी रिप्लेसमेंट की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देख सके। वहीं सा बोन माडल पर हुए प्रशिक्षण में चिकित्सकों को सर्जिकल तकनीक, बोन कटिंग और इम्प्लांट प्लेसमेंट से जुड़ी बारीकियों को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

यह भी पढ़ें- जबलपुर के स्कूल-कालेजों में विदेशी नागरिकों की जानकारी जुटाएगा शिक्षा विभाग