
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। देश के विभिन्न हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया और तेज होने के साथ ही अब दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून की बारिश शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। मौसम प्रणालियों में हो रहे बदलाव का असर जबलपुर व आस-पास के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है।
मौसम कार्यालय के अनुसार वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू क्षेत्र के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।
पश्चिमी विक्षोभ चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से मध्य क्षोभमंडल में पछुआ हवाओं के साथ एक ट्रफ भी बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय मौसम प्रणाली अब उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवातीय परिसंचरण के रूप में मौजूद है।
दक्षिण राजस्थान के मध्य भागों में ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार के ऊपर भी ऊपरी हवा में चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के कारण क्षेत्र में हवाओं की दिशा और स्थानीय मौसम की परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है।
जबलपुर के साथ कटनी, मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में मौसम का असर स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। इस दौरान तेज हवा के साथ ही कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
हवा की गति और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। दिन में धूप के कारण गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि रात के तापमान में बदलाव से हल्की ठंडक का एहसास बढ़ सकता है।
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