
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर । हाई कोर्ट में पिता और बेटी आमने-सामने थे। अदालत ने नाबालिग से उसकी इच्छा पूछी तो उसने माता-पिता के साथ जाने की सहमति तो जताई, लेकिन एक शर्त भी रख दी।
उसने कहा कि बालिग होने और सोनू लोधी के जेल से बाहर आने के बाद वह उसी से शादी करना चाहती है। बेटी की बात सुनने के बाद पिता ने कोर्ट के सामने वचन दिया कि तब तक वह उसकी शादी किसी दूसरे व्यक्ति से नहीं कराएंगे।
मुख्य न्यायाधीश अल्पेश यशवंत कोगजे व न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की युगलपीठ ने पिता का आश्वासन आदेश में दर्ज करते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण कर दिया।
टीकमगढ़ से लापता हुई नाबालिग को हाई कोर्ट के 11 अगस्त 2026 के आदेश के बाद बलदेवगढ़ थाना पुलिस ने गुजरात के जामनगर से बरामद किया था। पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को उसे लोकेट किया गया। नाबालिग को उसके माता-पिता को सौंपने के बाद निर्धारित सुनवाई में पिता के साथ हाई कोर्ट में पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाबालिग और उसके माता-पिता से बातचीत की। परिवार के बीच पर्याप्त बातचीत के बाद नाबालिग ने पिता के साथ जाने की सहमति दी। हालांकि उसने भविष्य में सोनू से विवाह करने की अपनी इच्छा स्पष्ट कर दी।
कोर्ट ने आदेश में दर्ज किया कि नाबालिग अभी बालिग नहीं है। उसकी इच्छा और माता-पिता के साथ जाने की सहमति को देखते हुए याचिका में कोई अन्य आदेश आवश्यक नहीं है। कोर्ट ने विवाह की कोई अनुमति नहीं दी और याचिका का निराकरण कर दिया।