
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। प्रेम विवाह के बाद जिस पत्नी के साथ जिंदगी बिताने का वादा किया था, उसी की बीमा राशि हड़पने के लिए पति ने उसकी हत्या की साजिश रच डाली। पाटन के नुनसर पुलिस चौकी क्षेत्र में दो माह की गर्भवती कविता चौधरी की पिकअप वाहन से कुचलकर हत्या कर दी गई।
पुलिस ने हत्या में शामिल पाटन के चौधरी मोहल्ला निवासी रामजी चौधरी, विक्रम चौधरी और धनीराम चौधरी को गिरफ्तार किया है। तीनों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हत्या का षड्यंत्र रचने वाला आरोपित पति प्रयास पांडे और उसका साथी मानसिंह लोधी अभी फरार हैं।
पाटन निवासी प्रयास पांडे स्टांप वेंडर है। वर्ष 2022 में उसकी पहचान मूलत: नरसिंहपुर निवासी कविता चौधरी (24) से हुई थी। दोनों के बीच पहचान बढ़ी और वर्ष 2024 में उन्होंने प्रेम विवाह कर लिया। विवाह के बाद दोनों आमहिनौता में किराए के मकान में रहने लगे।
पुलिस जांच में पता चला कि प्रयास ने अपने दोस्त मानसिंह लोधी को बीमा की रकम की बात बताई। फिर दोनों ने हत्या की योजना बनाई। मानसिंह के जरिए पाटन के चौधरी मोहल्ले में रहने वाले रामजी चौधरी, विक्रम चौधरी और धनीराम चौधरी से संपर्क किया गया।
प्रयास ने तीनों को पत्नी की हत्या के लिए एक लाख रुपये अग्रिम दिए। वारदात को दुर्घटना का रूप देने के लिए आरोपितों ने एक मालवाहक पिकअप वाहन एक साल के लिए किराए पर लिया। उसी वाहन से कविता की कुचलकर हत्या की।
चार सितंबर की रात कविता कहीं जाने का कहकर घर से निकली। वह मोपेड से जबलपुर रोड पर जा रही थी। कंतोरा गांव के पास रानीताल पुलिया क्षेत्र में आरोपितों ने पति प्रयास और मानसिंह के इशारे पर कविता की मोपेड में पिकअप से टक्कर मार दी।
टक्कर के बाद कविता सड़क पर गिर गई। जांच में पता चला कि आरोपितों ने वह बच न सकें इसलिए टक्कर के बाद उसके ऊपर वाहन चढ़ाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रात करीब साढ़े नौ बजे पुलिस को तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से महिला की मौत की सूचना मिली थी।
पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो परिस्थितियों को दुर्घटना समझा। मौके पर कुछ ही देर में पति प्रयास पहुंचा और कविता की पत्नी की रूप में पहचान कहते हुए रोने का नाटक किया। उसने इस प्रकार के बयान दिए कि पुलिस ने उसे दुर्घटना समझ लिया।
एफआइआर दज्र कर जांच शुरू की तो घटनाक्रम, परिस्थितियों और जांच में सामने आए तथ्यों ने पुलिस को हत्या की आशंका की ओर मोड़ दिया। तब छानबीन के बाद तीनों सुपारी किलर पकड़े गए। पति का षड्यंत्र स्पष्ट हुआ।
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