
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) में हर साल रक्षाबंधन के मौके पर दी जाने वाली मिठाई में इस बार कीड़े-कॉकरोच दिखने से श्रमिक संघ व कर्मियों में आक्रोश है। कैंटीन स्टाफ यह मिठाई बटांता है और मामूली राशि कर्मचारियों से ली जाती है। यह कैंटीन फिलहाल आउटसोर्स कर्मी चला रहे हैं और इसकी निगरानी फैक्ट्री के सभी यूनियन करती है। इस बार भी कैंटीन स्टाफ ने मिठाई के रूप में गुलाब जामुन बांटा गया है।
इस बार मिठाई में कीड़े-काकरोच मिलने का आरोप श्रमिक संघ मिले हाथ ने लगाया है। सत्तारूढ कार्यसमिति में प्रमुख मजदूर संघ हथौड़ा ने इसे निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि जब कोई शिकायत ही नहीं आई तो कुछ कहना ठीक नहीं होगा।
मजदूर संघ हथौड़ा ने इस मामले काे झूठा आरोप बताते हुए कहा कि यह कार्यसमिति को बदनाम करने की संबंधित यूनियन की चाल हो सकती है। इस मामले में फैक्ट्री में न कोई चर्चा है और न ही कोई ऐसा मामला प्रकाश में आया है।
कर्मचारियों का कहना है कि इंडस्ट्रियल कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता एवं अन्य अनियमितताओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि त्योहार पर वितरित मिठाई भी सवालों के घेरे में आ गई है। इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य और भोजन से जुड़े इस गंभीर मामले पर कार्यसमिति की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब या ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
श्रमिक संघ मिले हाथ ने मांग की है कि मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कर मिठाई के नमूनों की खाद्य गुणवत्ता जांच कराई जाए, संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति की जवाबदेही तय की जाए तथा इंडस्ट्रियल कैंटीन में भोजन एवं खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और रखरखाव की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। कर्मचारियों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
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