
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। लार्डगंज थाना क्षेत्र के गढ़ा फाटक में महाकाली दर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए शहपुरा भभकी निवासी आकाश चौधरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना के बाद मृतक के स्वजनों ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने मारपीट के आरोपों को खारिज करते हुए युवक के अस्वस्थ होने पर अस्पताल ले जाने की बात कही है। मामले में न्यायिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मृतक के भाई विवेक चौधरी के अनुसार वह अपने भाई आकाश चौधरी के साथ बाइक से गढ़ा फाटक में महाकाली दर्शन करने गए थे। इस दौरान वे मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। आरोप है कि तभी एक महिला पुलिसकर्मी ने उनका मोबाइल छीन लिया और उसके भाई का कॉलर पकड़कर उसे हिरासत में ले लिया।
विवेक का कहना है कि थाने पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की तथा सुबह भाई को छोड़ने की बात कहकर उसे वहां से भगा दिया। हालांकि सुबह घर के कोटवार के माध्यम से भाई की मौत की सूचना मिली। स्वजनों ने युवक की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दूसरी ओर पुलिस का पक्ष अलग है। पुलिस के मुताबिक दशहरा दर्शन के दौरान गढ़ा फाटक में भीड़ के बीच अभद्रता और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत समिति के सदस्यों ने की थी। युवक नशे की हालत में प्रतीत हो रहा था, इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से उसे थाने में बैठाया गया था। सीएसपी के अनुसार कुछ समय बाद जांच करने पर उसकी तबीयत बिगड़ी हुई मिली। पुलिसकर्मी तत्काल एफआरवी वाहन से उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने थाने में मारपीट से पूरी तरह इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि थाने परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जिसमें पूरी घटना कैद हुई होगी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर न्यायालय से न्यायिक जांच का निवेदन किया गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। अब जांच के बाद ही युवक की मौत के कारणों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने कहा है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।