नईदुनिया प्रतिनिधि, रानापुर (झाबुआ) : मंगलवार की शाम रानापुर के जूनागांव पंचायत के अंतर्गत आने वाले देवल फलिया में उस समय हड़कंप मच गया, जब कुछ बच्चे मवेशियों को पानी पिलाने के बाद पास ही स्थित पंचमुखी शिवलिंग मंदिर के पास पहुंचे, जहां उन्हें पेड़ के पास विशाल अजगर दिखाई दिया।
वन विभाग को तत्काल दी गई सूचना
बच्चों के बताने पर परिजनों और ग्रामीणों ने बिना देर किए तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की रेस्क्यू टीम हरकत में आ गई ।
रेस्क्यू ऑपरेशन : 8 फीट लंबा और 20 किलो वजनी अजगर काबू में
वन विभाग की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची और सूझबूझ दिखाते हुए शाम करीब 7:30 बजे अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया। पकड़े गए इस अजगर की लंबाई लगभग 8 फीट और वजन करीब 20 किलो बताया जा रहा है। समय पर हुई कार्रवाई से बड़ा खतरा टल गया और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू टीम के सदस्य
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली वन विभाग की टीम में वनपाल इरफान खान, वनरक्षक रंजन मेडा, सुनील सिंह, दीपक वसुनिया के साथ वाहन चालक रेवन अजनार शामिल रहे।
जिला अस्पताल के शौचालय में मिला नवजात का शव, जांच शुरू
झाबुआ: जिला मुख्यालय स्थित सिविल अस्पताल में मंगलवार को अस्पताल के एक शौचालय में नवजात का शव लावारिस हालत में मिला। इस घटना के सामने आते ही पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।
यह घटना उस वक्त सामने आई जब अस्पताल का एक सफाई कर्मचारी नियमित सफाई करने के लिए शौचालय पहुंचा। कर्मचारी ने वहां नवजात को लावारिस हालत में देखा और तुरंत इसकी सूचना अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही अस्पताल का ड्यूटी स्टाफ और सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों द्वारा जांच किए जाने पर पता चला कि नवजात बालक की मौत हो चुकी थी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी और नवजात के शव को सुरक्षित रूप से पोस्टमार्टम कक्ष में रखवाया।
सिविल सर्जन डॉ. एमएल. मालवीय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है और फिलहाल शव को पीएम (पोस्टमार्टम) के लिए रखवाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह शव सिविल अस्पताल की डिलेवरी का नहीं है।
सीसीटीवी फुटेज से जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को अपनी जांच में ले लिया है। शुरुआती तफ्तीश के तहत अस्पताल के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स और कारिडोर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि शौचालय की तरफ जाने वाली संदिग्ध महिलाओं की पहचान की जा सके।इसके साथ ही, पुलिस द्वारा अस्पताल के डिलीवरी वार्ड के रिकॉर्ड और हाल ही में भर्ती हुई गर्भवती महिलाओं की सूची की भी बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि घटना की तह तक पहुंचा जा सके।