
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। रानापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जुनागांव में प्रलोभन देकर और दबाव बनाकर ईसाई धर्म अपनाने का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं के तहत दो आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, फरियादी भारत (45) पुत्र स्व. रदन सिंगाड निवासी जुनागांव (कोदर फलिया) ने थाने में लिखित आवेदन दिया था। फरियादी ने बताया कि उसके पिता और बड़े बेटे की कुछ समय पहले बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। इसी बात का फायदा उठाकर आरोपित पांगुसिंह (40) और प्रेम (35) निवासी पुवाला ने रानापुर पुराने बस स्टैंड पर उसे घेरा और कहा कि तुम्हारे घर का माहौल ठीक नहीं चल रहा है, तुम्हारे देवता तुमसे नाराज हैं।
23 अगस्त 2026 को करीब 7:30 बजे दोनों आरोपित फरियादी के घर पहुंचे। घर पर फरियादी और उसकी बेटी वेस्ती मौजूद थे। आरोपितों ने जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाते हुए उनके ऊपर लोटे का पानी छिड़का। इसके बाद उन्होंने अपने पास रखी बाइबल पर फरियादी का हाथ रखवाया और कहा कि धर्म परिवर्तन करने पर हर महीने 1,000 रुपये, कपड़े और पूरे परिवार का मुफ्त इलाज कराया जाएगा।
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घटना से असहज होकर फरियादी ने तुरंत अपने परिवार के राकेश सिंगाड को फोन कर बुलाया। इसके साथ ही गांव के तडवी जानिया सिंगाड और अगनसिंह सिंगाड भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मिलकर दोनों आरोपितों पांगुसिंह और प्रेम को रंगे हाथों पकड़ लिया और थाने ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश रावत के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपित पांगुसिंह और प्रेम के विरुद्ध मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 एवं 5 के तहत अपराध कायम कर लिया है। मामले की आगे की विवेचना (अनुसंधान) सउनि मनीष कुमार, चौकी प्रभारी कंजावानी को सौंपी गई है।