झाबुआ में कलेक्टर का नवाचार : जन्मदिन पर केक नहीं, बच्चों संग तिथि भोज
जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी अन्य शुभ प्रसंग पर होने वाले खर्च को बच्चों की खुशियों और शिक्षा के लिए उपयोग करने की पहल झाबुआ में शुरू हुई है। जनजा...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 17 Sep 2026 05:24:51 PM (IST)Updated Date: Thu, 17 Sep 2026 05:24:51 PM (IST)
अधिकारियों के बच्चों संग स्कूल में भोजन करने से शिक्षा का परिदृश्य बदल रहा है। इनसेट में कलेक्टर डॉ. योगेश कुमार भरसट। (फाइल फोटो)HighLights
- पहल : शिक्षा के लिए करेंगे प्रेरित
- सरकारी अधिकारी-कर्मचारी स्कूलों में बच्चों के साथ कर रहे भोजन
- बच्चों की खुशियों और शिक्षा के लिए उपयोग करने की पहल शुरू हुई है
यशवंतसिंह पंवार, नईदुनिया, झाबुआ। जन्मदिन, शादी की सालगिरह या किसी अन्य शुभ प्रसंग पर होने वाले खर्च को बच्चों की खुशियों और शिक्षा के लिए उपयोग करने की पहल झाबुआ में शुरू हुई है।
जनजातीय जिले में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए कलेक्टर डॉ. योगेश कुमार भरसट ने सभी सरकारी स्कूलों में ‘तिथि भोज’ का नवाचार शुरू किया है। इसके तहत शासकीय अधिकारी-कर्मचारी अपनी पसंद की तिथि पर किसी स्कूल में जाकर बच्चों के साथ भोजन करेंगे। वे बच्चों को शिक्षा का महत्व बताएंगे और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
जिला शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर अब तक 163 शासकीय सेवक तिथि भोज के लिए अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। 12 सितंबर से शुरू हुई पहल के तहत अब तक नौ तिथि भोज हो चुके हैं। कलेक्टर ने स्वयं चार स्कूलों में तिथि भोज देने के लिए नाम दर्ज कराया है। उन्होंने मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े चार गांवों के स्कूलों का चयन किया है।
शुभ प्रसंग की खुशियां बच्चों के साथ
कलेक्टर डॉ. भरसट का मानना है कि जन्मदिन या शादी की सालगिरह जैसे अवसरों पर लोग केक और अन्य खाद्य सामग्री पर काफी राशि खर्च करते हैं। कई बार खाद्य सामग्री का पूरा उपयोग नहीं हो पाता और वह खराब हो जाती है। ऐसे में शुभ प्रसंग की खुशियां स्कूली बच्चों के साथ साझा की जाएं तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
इसी सोच के साथ तिथि भोज की अवधारणा सामने आई है।
अधिकारी-कर्मचारी स्कूल में नियमित मध्याह्न भोजन के साथ अतिरिक्त सामग्री बनवा सकते हैं या मिठाई आदि लेकर बच्चों के साथ भोजन कर सकते हैं। इस दौरान बच्चों से संवाद कर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करने और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर है।
पोर्टल पर दर्ज करनी होगी तिथि और स्कूल
तिथि भोज में शामिल होने के इच्छुक शासकीय सेवकों को जिला शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर अपना नाम, भोजन देने की तिथि और नजदीकी स्कूल का नाम दर्ज करना होगा। अपनी पसंद से तिथि और स्कूल का चयन किया जा सकेगा। इससे स्कूल प्रबंधन समिति को पहले से जानकारी रहेगी और भोजन की तैयारी की जा सकेगी।
कलेक्टर ने सभी शासकीय सेवकों से इस पहल में भाग लेने का आह्वान किया है। उद्देश्य यह है कि अधिकारी-कर्मचारी केवल स्कूलों का निरीक्षण ही न करें, बल्कि बच्चों के साथ समय बिताकर उनके बीच शिक्षा का वातावरण भी तैयार करें।
शिक्षा के लिए वातावरण बनाना है
शिक्षा के क्षेत्र में झाबुआ जैसा जनजातीय जिला वास्तव में पिछड़ा हुआ है। यहां शिक्षा के प्रति चेतना का अभाव है, इसीलिए बच्चे शिक्षा से दूर हो जाते हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना बहुत आवश्यक है। इसके लिए सभी के सहयोग से वातावरण तैयार किया जा रहा है। तिथि भोज की अवधारणा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। - डॉ. योगेश कुमार भरसट, कलेक्टर, झाबुआ