
Jhabua News: नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। गुरुदेव संत खूमसिंह महाराज के समाधि स्थल महादेव धाम कोकावद में गुरुवार को एक परिवार के पांच सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर स्वेच्छा से पुनः अपने मूलधर्म सनातन धर्म में घर वापसी की। पूजा-अर्चना के बाद सदस्यों ने हिन्दू धर्म अपनाया।
सदस्यों का कहना है कि 10 वर्ष पूर्व लालच में आकर उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन उन्हें हिन्दू धर्म ही अपनाना था, इसलिए वे वापस अपने धर्म में लौटे हैं।
विश्व हिन्दू परिषद के प्रेमसिंह डामोर ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व ग्राम झेर के एक परिवार के पांच सदस्यों ने लालच में आकर ईसाई धर्म अपना लिया था, लेकिन उन्हें इस धर्म में आत्म शांति नहीं मिल पा रही थी। पांचों सदस्यों ने स्वेच्छा से वापस हिन्दू धर्म अपनाया।

कोकावद धाम के गादीपति संत कमल ने सनातन विधिविधान से हवन पूजा, मंत्र कर घर वापसी करवाई। सभी भक्तगण ने पुनः अपने धर्म में वापसी करने वाले परिवार को भगवा वस्त्र और फूलमाला से स्वागत अभिनंदन किया।
संत खूमसिंह महाराज कई दशकों से हजारों लोगों की घर वापसी करवा चुके थे। उसी परंपरा को उनके सुपुत्र संत कमल महाराज चार वर्षों से लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। कमल महाराज का कहना है कि सामाजिक सुधार, सनातन संस्कृति की रक्षा के साथ साथ अवैध मंतातरण को रोकने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं तथा पिछले चार साल में सैकड़ों ईसाई की घर वापसी करवा चुके हैं। इस कार्य में ग्राम पंचायत झेर के तड़वी सरपंच एवं सभी भगत टीम ने घर वापसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।