
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। पेटलावद के एकलव्य स्कूल के बच्चों के पैदल-पैदल झाबुआ कलेक्टर कार्यालय जाने की सूचना पर थाना प्रभारी निर्भयसिंह भूरिया, तहसीलदार और एसडीएम की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने बच्चों से उनकी समस्याओं पर जानकारी लेकर समझाइश देने का प्रयास किया। इस दौरान रैली में लीडरशिप कर रहे तीन व्यक्ति बच्चों को गुमराह और उत्तेजित कर रहे थे। ये कह रहे थे कि प्रशासन के अधिकारियों की बात नहीं मानना, मैं कहूं वही करना और पैदल-पैदल झाबुआ चलो।
ग्राम बैडदा में स्कूल की पुलिया के आगे एडीएम झाबुआ और एसडीएम पेटलावद ने बच्चों को समझाया कि आपकी जो भी समस्या है, हम सुनने और हल करने को तैयार हैं। सिंगल पट्टी रोड पर पैदल जाने से अनहोनी हो सकती है, इसलिए मना किया और बस में बैठने को कहा। इस पर तीनों व्यक्ति फिर बच्चों को झाबुआ जाने के लिए उकसाने लगे और बोले कि हम ही बच्चों को झाबुआ ले जाएंगे। शांति भंग और बच्चों के साथ अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया।
इसमें आरोपित प्रेमसिंह पुत्र मेहजी भूरिया (32) निवासी उन्नई, नरवेसिंह पुत्र बाबूसिंह सोलंकी (28) निवासी बावड़ी, गोविंद पुत्र राणजी अमलियार (23) निवासी अमरगढ़ हैं। तीनों के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उधर, रविवार को सहायक आयुक्त सुप्रिया बिसेन भी एकलव्य विद्यालय पहुंचीं और मामले की जानकारी ली। साथ ही छात्रावास के अंदर के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर यह विद्यालय हमेशा ही विवादों में रहा है। 22 फरवरी 2022 को जब राज्यपाल मंगूभाई पटेल विद्यालय के कार्यक्रम में सम्मिलित होने आए थे, उस समय भी विद्यार्थियों ने व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा हंगामा खड़ा किया था। उसके बाद 30 सितम्बर 2024 को प्राचार्य नीलम भारती के कार्यकाल में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। उस समय भी विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पैदल मार्च निकाल कर झाबुआ की ओर कूच किया था।