झाबुआ के मेले में झूला गिरा, मची अफरातफरी, 14 विद्यार्थी घायल, संख्या ज्यादा होने से हुआ हादसा
उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान पर चल रहे 20 दिवसीय मेले में सोमवार शाम एक झूला गिर गया। घटना में 14 विद्यार्थी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ड्रैगन झूले ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 19 Jan 2026 09:55:04 PM (IST)Updated Date: Mon, 19 Jan 2026 09:55:04 PM (IST)
झाबुआ के मेले में झूला गिरा, मची अफरातफरीHighLights
- ड्रैगन झूला गिरने से चीख-पुकार, 14 बच्चे अस्पताल में भर्ती
- कलेक्टर नेहा मीना ने गठित किया मजिस्ट्रियल जांच दल
- झूले में क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने के कारण हुआ हादसा
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ। उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान पर चल रहे 20 दिवसीय मेले में सोमवार शाम एक झूला गिर गया। घटना में 14 विद्यार्थी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि ड्रैगन झूले में विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने से क्षमता से अधिक वजन हो गया और झूला गिर गया। घटना के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। घायल विद्यार्थियों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनमें 13 छात्राएं और एक छात्र है। यह मेला एक जनवरी से आरंभ हुआ था, 20 जनवरी तक चलना था। हादसे के कारण मेला 19 जनवरी को ही बंद हो गया।
कलेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर जाना घायलों का हाल
सूचना पर कलेक्टर नेहा मीना ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चों का हाल-चाल जाना। चिकित्सकों को निर्देशित किया कि बच्चों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। घायलों की स्थिति स्थिर है एवं उनके वाइटल्स सामान्य हैं। मजिस्ट्रियल जांच दल गठित कलेक्टर ने मजिस्ट्रियल जांच दल गठित करने के आदेश जारी किए हैं।
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई, जांच दल गठित
दल में अपर कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, कार्यपालन यंत्री, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी एवं परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण को शामिल किया गया है। यह दल घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा। कलेक्टर ने कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो कि विहिप यह संत खूमसिंह महाराज के नाम से प्रतिवर्ष आयोजित करता है।
हादसे का मुख्य कारण: क्षमता से अधिक वजन
हादसे का मुख्य कारण यह बताया जा रहा है कि झूले में जरूरत से अधिक विद्यार्थी बैठे थे। झूला वजन नहीं झेल पाया। स्कूल में करीब 600 बच्चे हैं। बारी-बारी से प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को मेले में भेजा जा रहा था। इन्हें निःशुल्क सुविधा थी।