
नईदुनिया प्रतिनिधि, झाबुआ : थाना कोतवाली झाबुआ के अंतर्गत चौकी पिटोल पुलिस ने पुराने मकान की खुदाई में निकले सोने के बिस्किट का झांसा देकर एक व्यक्ति से 4 लाख 90 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस ठगी में शामिल एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 3 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
अहमदाबाद (गुजरात) के धोलका निवासी जगदीश चन्द्र पाठक की मुलाकात मजदूरी के दौरान मानसिंह भील से हुई थी। मानसिंह ने उसे अपनी चाची को पुराने मकान की खुदाई में सोने के बिस्किट मिलने की झूठी कहानी सुनाई। आरोपितों ने शुरुआत में सोने का एक असली टुकड़ा जांच के लिए दिया, जिसे ज्वेलर्स ने सही बताया।
इससे फरियादी का भरोसा बढ़ गया और वह बिस्किट खरीदने के लिए राजी हो गया। 18 सितंबर 2026 को फरियादी अपने परिजनों के साथ 4.90 लाख रुपये लेकर पिटोल पहुंचा। वहां मानसिंह, उसकी पत्नी और एक अन्य महिला ने मिलकर नकली बिस्किट थमा दिया और नकदी लेकर फरार हो गए।
जब फरियादी ने उस बिस्किट की दोबारा जांच कराई, तो वह तांबे का बना हुआ नकली निकला। आरोपितों के मोबाइल नंबर भी बंद आ रहे थे, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। झाबुआ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देश पर थाना कोतवाली झाबुआ में अपराध क्रमांक 940/2026, धारा 318(4)बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
पिटोल पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपिया रोशना पति नाजु डामोर (35) निवासी आमलीफलिया को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में शामिल अन्य दो फरार आरोपितों की तलाश सरगर्मी से जारी है। इस कार्रवाई में निरीक्षक आर.सी. भास्कर, उप निरीक्षक अशोक बघेल, एएसआई नरेंद्र परमार, प्रधान आरक्षक दिलीप डावर, आरक्षक कैलाश सोलंकी, चालक आरक्षक अनसिंह भूरिया और महिला आरक्षक नेहा मेड़ा का विशेष योगदान रहा।
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