
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। कटनी में पुलिस महकमे के इतिहास में एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान खींच लिया है। छह दिन से सील कार्यालय अब एसआइटी की जांच के केंद्र में है।
बुधवार को आईजी जबलपुर की जांच के लिए एएसपी अंजना तिवारी की अगुवाई में गठित एसआईटी के सील खोलकर दस्तावेजों और रिकाॅर्ड की पड़ताल करने की संभावना थी, लेकिन देर शाम तक टीम नहीं पहुंची। पूरे मामले में एक सवाल भी उठ रहा है।
सीएसपी सहित अन्य आरोपितों के खिलाफ दर्ज एफआईआर करने के बाद अभी तक उनमें से किसी की भी गिरफ्तारी एसआईटी या कुठला पुलिस नहीं कर पाई है, जबकि मामले को एक सप्ताह का समय बीत गया है।
कटनी के बहुचर्चित जमीन सौदे से जुड़े मामले में अभी तक एएसपी स्तर के तीन अधिकारी जांच से जुड़ चुके हैं। कुठला थाना क्षेत्र में रमेश लोधी व उसके बेटे को हत्या के मामले से बचाने करोड़ों की जमीन को सस्ते में अपने करीबी को दिलाने, डिफाल्ट बेल दिलाने में सहयोग करने सहित भ्रष्टाचार के आरोप निलंबित सीएसपी सहित उनके सहयोगी क्षितिज राज व मारूफ अहमद हनफी पर हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आइजी प्रमोद वर्मा ने जांच जबलपुर स्थानांतरित करते हुए एएसपी अनु बेनीवाल को जांच सौंपी थी। बेनीवाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर कुठला थाने में तत्कालीन सीएसपी नेहा पच्चीसिया, उनके करीबी क्षितिज राज बारापात्रे और कांग्रेस नेता मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई।
विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं बढ़ाई हैं। अब मामले की जांच एएसपी अंजना तिवारी को सौंपी गई है और उनकी निगरानी में आठ सदस्यीय एसआइटी गठित की गई है, जो पूरे मामे की जांच कर रही है।
मामले की जांच को लेकर गठित की गई एसआइटी एक करोड़ से अधिक की जमीन को महज 18 लाख रूपये में खरीदने, हत्या के आरोपितों को जमानत का लाभ दिलाने सहित रिश्वत मामले की जांच कर रही है। टीम का फोकस इस बात पर है कि कथित जमीन सौदे में किसकी भूमिका क्या रही है।
टीम रकम का लेन-देन, जमीन के नामांतरण रिकाॅर्ड, रजिस्ट्री, भुगतान से जुड़े दस्तावेज, सीसीटीवची फुटेज, इलेक्ट्रानिक रिकार्ड और आरोपों से जुड़े लोगों के बयानों का मिलान कर रही है। इसके लिए टीम ने जेल में बंद हत्या के आरोपितों से न्यायालय की अनुमति लेकर पूछताछ भी की है और उनके बयान दर्ज किए हैं।
उनके बयानों का मिलान पूर्व में दिए गए बयान व साक्ष्यों से किया जा रहा है। इसके साथ ही रमेश लोधी को अपने बंगले में दो दिन रखने से लेकर सरकारी गाड़ी में उसे पंजीयक कार्यालय तक ले जाने के सीसीटीवी फुटेज भी इसमें अहम माने जा रहे हैं।
निलंबित सीएसपी पच्चीसिया ने अब न्यायालय की शरण ली है। अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला न्यायालय में स्वयं के साथ करीबी क्षितिज को अग्रिम जमानत का आवेदन दिया है। जिसमें मंगलवार को तीन घंटे से अधिक समय तक विशेष न्यायालय में जमानत याचिका पर सुनवाई के साथ बहस चली, लेकिन बहस पूरी नहीं हो सकी। अब न्यायालय में मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 अगस्त का समय दिया है। जिसपर शनिवार को सुनवाई होगी।
हत्या के मामले में जेल में बंद जिन आरोपितों को लाभ दिलाने के साथ जमीन का सौदा किया गया था। उनमें आकाश लोधी, उसका पिता रमेश लोधी व जीजा सतीश पटेल शामिल है। तीनों के अधिवक्ता ने न्यायालय में सुरक्षा को लेकर तीनों को कटनी जिला जेल से स्थानांतरित करते हुए प्रदेश की किसी अन्य जेल में शिफ्ट कराने का आवेदन दिया था। जिसको न्यायालय ने मंजूर करते हुए जेल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं। बुधवार को जेल प्रबंधन ने मुख्यालय को पत्र भेजा है और अब जेल मुख्यालय से निर्देश मिलने के साथ ही उनको किसी दूसरी जेल में भेजा जाएगा।
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