
नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी: कटनी जिले की धरती एक बार फिर खनिज संपदा के मामले में चर्चा में है। बड़वारा तहसील के लुहरवारा गांव क्षेत्र में उमड़ार नदी के कटाव में कोयले के भंडार मिलने की पुष्टि हुई है। इस खोज के बाद जिले को भविष्य में पहली कोल माइंस मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
लुहरवारा गांव से होकर बहने वाली उमड़ार नदी के कटाव क्षेत्र में लंबे समय से काले पत्थर निकलने की जानकारी ग्रामीणों द्वारा दी जा रही थी। ग्रामीणों ने इसके वीडियो बनाकर अधिकारियों को भेजे, जिसके आधार पर खनिज विभाग ने संज्ञान लिया और जांच के निर्देश दिए।
इसके बाद क्षेत्रीय प्रमुख भौमिकी व खनिकर्म जबलपुर की पांच सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची, जिसमें जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (जीएसआई) के विज्ञानी भी शामिल थे। दल ने स्थल का निरीक्षण कर विभिन्न स्थानों से सैंपल एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
प्रारंभिक सर्वे में यह स्पष्ट हुआ है कि क्षेत्र में थर्मल और स्टीम क्वालिटी का कोयला मौजूद है, जिसकी गुणवत्ता काफी बेहतर बताई जा रही है। हालांकि कोयले की गहराई और कुल क्षेत्रफल का अभी सटीक आकलन नहीं हुआ है।
कोयले की लेयर और विस्तार का पता लगाने के लिए उमड़ार नदी के कटाव क्षेत्र और आसपास के इलाके में 50 से 80 मीटर तक ड्रिलिंग कर जांच की जाएगी। इससे यह स्पष्ट होगा कि कोयले की कितनी परतें मौजूद हैं और कोल ब्लॉक का वास्तविक क्षेत्रफल कितना है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया गांव में जीएसआई के सर्वे के दौरान जमीन के नीचे छह हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सोने का भंडार मिला था। सोना खनन के लिए खनिज विभाग द्वारा मुंबई की एक कंपनी से लीज अनुबंध भी किया जा चुका है। यदि कोयले की जांच के परिणाम सकारात्मक रहे, तो कटनी जिले को जल्द ही पहली बड़ी कोल माइंस मिलने की संभावना है।
बड़वारा के लुहरवारा में उमड़ार नदी के कटाव क्षेत्र में कोयले का भंडार मिला है। जिसका प्रथम सर्वे किया गया है और सेंपल लिए गए हैं। प्राथमिक जांच में कोयले की अच्छी गुणवत्ता नजर आई है।
-रत्नेश दीक्षित, उपसंचालक, खनिज विभाग कटनी।