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कटनी जिला न्यायालय ने निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीनों आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट किए निरस्त

नोटिस में पूछा गया है कि न्यायालय को मामले के तथ्यों से अवगत नहीं कराने और तथ्य छि‍पाकर वारंट जारी कराने के संबंध में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की ज...और पढ़ें

By Mukesh TiwariEdited By: Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 05:54:27 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 05:54:27 PM (IST)
कटनी जिला न्यायालय ने निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित तीनों आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट किए निरस्त
एक माह बाद भी पुलिस तीनों को गिरफ्तार नहीं कर पाई।

HighLights

  1. जानकारी छिपाकर हासिल किए थे एसआइटी ने वारंट
  2. 18 सितंबर को तीनों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे
  3. पत्रावली आगामी कार्रवाई के लिए 25 सितंबर को पेश होगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। कुठला थाना में निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया सहित उनके सहयोगियों पर दर्ज मामले में एक माह बाद भी पुलिस तीनों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। वहीं जिला न्यायालय में एसआइटी ने तीनों के गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आवेदन दिया था।

सीएसपी की ओर से अधिवक्ता ने पक्ष रखा

जिसपर न्यायालय ने शुक्रवार 18 सितंबर को तीनों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए थेे। मामले में सीएसपी की ओर से उनके अधिवक्ता ने सोमवार को पक्ष रखा, जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीषा जैन तिवारी की अदालत ने 18 सितंबर को जारी तीन आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं।


जानकारी छि‍पाकर वारंट हासिल करने पर गंभीर आपत्ति

अदालत ने एसआईटी जबलपुर द्वारा पूर्व में दिए गए आवेदनों और उनके निरस्त होने की जानकारी छि‍पाकर वारंट हासिल करने पर गंभीर आपत्ति जताई है। अदालत के आदेश के अनुसार एसआइटी जबलपुर ने इसी अपराध में गिरफ्तारी वारंट जारी करने के लिए एक सितंबर को सत्र न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसे दो सितंबर को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद फरियादी पक्ष की ओर से भी वारंट के लिए आवेदन दिया गया, जिसे 16 सितंबर को सत्र न्यायालय ने निरस्त कर दिया।

तथ्यों को छिपाकर वारंट जारी करने आवेदन

अदालत ने कहा कि इन तथ्यों को छुपाते हुए एसआइटी जबलपुर के निरीक्षक ने वारंट जारी करने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायालय के अनुसार सत्र न्यायालय द्वारा आवेदन निरस्त किए जाने के बाद इस अदालत के पास वारंट जारी करने का क्षेत्राधिकार नहीं रह गया था।

नेहा पच्चीसिया, क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी हैं आरोपी

18 सितंबर को जारी वारंट को निरस्त करते हुए वापस लौटाने के निर्देश दिए गए। मामले में सीएसपी नेहा पच्चीसिया, क्षितिजराज बारापात्रे और मारूफ अहमद हनफी के विरुद्ध जारी वारंट निरस्त किए गए हैं।

निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस

अदालत ने एसआइटी जबलपुर के निरीक्षक चन्द्रकांत झा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में पूछा गया है कि न्यायालय को मामले के तथ्यों से अवगत नहीं कराने और तथ्य छि‍पाकर वारंट जारी कराने के संबंध में उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

वरिष्ठ अधिकारी और उच्च न्यायालय को भी सूचना देने के निर्देश

अदालत ने संबंधित वरिष्ठ अधिकारी और उच्च न्यायालय को भी सूचना देने के निर्देश दिए हैं। मामले की पत्रावली आगामी कार्रवाई के लिए 25 सितंबर को पेश होगी।

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