
नईदुनिया न्यूज, स्लीमनाबाद। जिले के स्लीमनाबाद को अब हरिदासपुर के नाम से नई पहचान मिलेगी। इस दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है। संत हरिदास महाराज की तपोभूमि के रूप में प्रसिद्ध इस स्थान का नाम बदलने की मांग पर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार नाम परिवर्तन से संबंधित 14 बिंदुओं की जानकारी संकलित कर आयुक्त, भू-संसाधन प्रबंधन को भेज दी गई है। अब शासन स्तर पर प्रस्ताव की समीक्षा के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
स्लीमनाबाद का नाम हरिदासपुर करने का प्रस्ताव ग्राम पंचायत स्लीमनाबाद की ग्राम सभा में पारित किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों से आवश्यक जानकारी और प्रतिवेदन प्राप्त किए।
एसडीएम बहोरीबंद, तहसीलदार स्लीमनाबाद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बहोरीबंद, स्टेशन प्रबंधक स्लीमनाबाद व प्रवर अधीक्षक डाकघर, जबलपुर संभाग के प्रतिवेदन शामिल हैं। इन्हीं के आधार पर नाम परिवर्तन से संबंधित निर्धारित बिंदुओं की जानकारी तैयार कर शासन स्तर पर भेजी गई है।
नाम परिवर्तन के पीछे स्थानीय लोगों की धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक परंपरा को प्रमुख आधार माना गया है। स्लीमनाबाद संत हरिदास महाराज की तपोभूमि है। संत के प्रति क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था और श्रद्धा है। यहां उनके नाम से जुड़ा मंदिर बंगला नामक पुराना स्थान भी स्थित है।
स्थानीय लोगों की मान्यता और संत की स्मृतियों से जुड़ी पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से स्लीमनाबाद का नाम हरिदासपुर किए जाने का प्रस्ताव सामने आया है, जिसको लेकर प्रथम चरण में ग्राम सभा में सर्वसम्मति से स्लीमनाबाद का नाम बदलकर हरिदासपुर करने का प्रस्ताव पारित किया था।
ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार वर्ष 1843 में अंग्रेज कर्नल स्लीमन ने गोविन्द मालगुजार से 96 एकड़ भूमि लेकर यहां बस्ती बसाई थी। इसके बाद यह स्थान स्लीमनाबाद के नाम से प्रसिद्ध हुआ। राजस्व अभिलेखों में वर्ष 1909-10 से इस स्थान का नाम ‘कोहका उर्फ स्लीमनाबाद’ दर्ज होने का उल्लेख है।
वर्ष 1989-90 के बंदोबस्त के बाद स्लीमनाबाद नाम दर्ज होना बताया गया है। स्लीमन को ठगों के गिरोह का सफाया करने के लिए अंग्रेज सरकार ने भेजा था और उसके बाद उन्होंने काम करते हुए स्लीमनाबाद को बसाया था। बताया जाता है कि स्लीमन को भी संत स्थली से संतान की प्राप्ति हुई थी और आज भी उनके परिवार के लोग कभी- कभी दर्शनों को पहुंचते हैं।
नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी होने पर केवल ग्राम और तहसील का ही नाम नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशन ‘स्लीमनाबाद रोड’ और यहां के डाकघर का नाम भी बदला जायेगा।। रेलवे स्टेशन स्लीमनाबाद ग्राम से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित है।
जिला प्रशासन की भेजी गई जानकारी के अनुसार, रेलवे और भारतीय डाक विभाग के संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों ने भी नाम परिवर्तन के लिए पहले ही सहमति प्रदान कर दी है। जिसके बाद स्टेशन व डाकघर का नाम भी परिवर्तित किया जाएगा।