यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मप्र के खंडवा में ट्रेन की चपेट में आने से धड़ से अलग हुआ 2 साल के बच्चे का सिर...60 किलोमीटर दूर मिला
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में यह दिलदहला देने वाली घटना हुई। रेल की चपेट में आने से दो साल के बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चा खेलते-खेलते रेलवे ट...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 28 Jul 2024 06:45:08 AM (IST)Updated Date: Sun, 28 Jul 2024 06:45:08 AM (IST)
पहला फाइल चित्र राम पुत्र कालूराम का। दूसरा चित्र सांकेतिक।HighLights
- खंडवा जिले के ग्राम डोंगरगांव के निकट फाल्या का मामला।
- ट्रेन की चपेट में आने से दो साल के बालक की मौत हो गई।
- घटनास्थल से 60 किलोमीटर दूर पाया गया बच्चे का सिर।
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। ग्राम डोंगरगांव के निकट फाल्या में रहने वाले दो साल उम्र के बच्चे की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। बच्चे का सिर कटकर धड़ से अलग हो गया था। धड़ तो घटनास्थल पर ही मिल गया, लेकिन बच्चे का सिर घटना के लगभग 6 घंटे बाद घटनास्थल से करीब 60 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र में मिला। घटना सुबह करीब 11 बजे हुई।
खेलते-खेलते ट्रैक पर पहुंचा था बच्चा
जानकारी के अनुसार बच्चा खेलते - खेलते घर के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था। इस दौरान ट्रेन की चपेट में आने से सिर धड़ से अलग हो कर ट्रेन में फंस गया, जो बाद में घटना स्थल डोंगरगांव से करीबन 60 किलोमीटर दूर बाघोड़ा रेलवे स्टेशन महाराष्ट्र तक पहुंच गया।
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रेलवे ट्रैक पर सिर की तलाश
दुर्घटना के बाद आरपीएफ की मदद लेकर पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर सिर की तलाश कर दो वर्षीय राम पुत्र कालूराम बरेला निवासी डोंगरगांव का सिर बरामद कर पंधाना अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया गया। बोरगांव चौकी प्रभारी राम प्रकाश यादव ने बताया कि मर्ग कायम किया गया है। दुर्घटना में सिर अलग होने के कारण उसे 60 किलोमीटर दूर रेलवे ट्रेक से बरामद किया है।
देर तक नहीं मिला तो हुई थी तलाश
- बताया जाता है कि बच्चा जब घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश आरंभ की थी।
- पुलिस से मिली सूचना के अनुसार इसके बाद बच्चे का धड़ रेलवे ट्रैक पर दिखाई दिया।
- घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी और अपनी जांच आरंभ कर दी थी।
- इसके बाद रेलवे ट्रैक पर बच्चे के शरीर के अन्य अंगों की तलाश आरंभ की थी।
- परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार घटना के दौरान घर पर केवल बच्चे की मां ही थी।
- ग्रामीणों ने बातया कि रेलवे ट्रैक पर झाड़ियां हैं। इस कारण ट्रैक आसानी से नजर नहीं आता।
- घटनास्थल के पास आदिवासी बारेला समाज के करीब 25 परिवार ही रहते हैं। घरों के पास ही रेलवे ट्रैक है।
बच्चे का सिर महाराष्ट्र के बाघोड़ा रेलवे स्टेशन से बरामद किया गया है।
रामप्रकाश यादव, बोरगांव चौकी प्रभारी