
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा : बार-बार जनसुनवाई में आने के बाद भी आवेदकों की सुनवाई नहीं होने से वे आपा खो रहे हैं। दो माह पहले दी गई शिकायत का निराकरण नहीं होने से नाराज एक बुजुर्ग ने मंगलवार को जनसुनवाई में हंगामा किया। वह बिफर गया तो कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सुरक्षाकर्मियों को बुला लिया। सुरक्षाकर्मी उसकी बांह पकड़कर खींचकर बाहर ले गए। इस दृश्य का कवरेज कर रहे पत्रकारों पर भी कलेक्टर ने गुस्सा दिखाया और उन्हें अपशब्द कहे।
पीड़ितों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रदेश सरकार जन विश्वास और जन संकल्प सेवा जैसे अभियान चला रही है लेकिन कलेक्टर गुप्ता जनसुनवाई में कम ही रुचि ले रहे हैं।मंगलवार को वे जनसुनवाई में 11 बजे की बजाय 12:45 पर पहुंचे।
हर मंगलवार की तरह इस बार भी आवेदक उन्हीं को अपनी समस्याएं बताने के लिए इंतजार करते रहे।करीब दो माह पहले आवेदन देने के बाद भी समस्या हल नहीं होने से परेशान बुजुर्ग आनंदनगर निवासी प्रकाशचंद राजाणी ने जब कलेक्टर से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि मैं एसपी को आपका प्रकरण फारवर्ड कर देता हूं।
बुजुर्ग बिफर गया और उसे समझाइश देने वाले कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने लगा।कलेक्टर पर हावी होने का प्रयास करने लगा।कलेक्टर ने सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर उसे बाहर करने केे लिए कहा।सुरक्षाकर्मी उसे जोर-जबरदस्ती करके बाहर ले गए।
इस पूरे घटनाक्रम का कवरेज पत्रकार कलेक्टर गुप्ता के पीछे कुछ दूरी पर खड़े होकर कर रहे थे। इसी दौरान कलेक्टर पीछे मुड़े और पत्रकारों को अपशब्द कहने लगे। बुजुर्ग को बाहर कराए जाने के बाद उन्होंने कवरेज कर रहे पत्रकारों को बुलाया और कहा कि बुजुर्ग की शिकायत गलत है फिर भी आप वीडियो बना रहे हो।
पत्रकारों ने कहा कि जो भी वास्तविक स्थिति है उसी का प्रकाशन करेंगे लेकिन आपने अभद्रता क्यों की।इस पर कलेक्टर मुकर गए और कहा कि मैंने आप लोगों को अपशब्द नहीं कहे। हालांकि कलेक्टर द्वारा कहे गए अपशब्दों वाला वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।
आनंदनगर निवासी 65 वर्षीय प्रकाशचंद राजाणी का कहना है कि मैं जनसुनवाई में दस वर्षों से आ रहा हूं।उन्होंने आवेदन के माध्यम से आरोप लगाए हैं कि टाउन हॉल क्षेत्र में उनकी 10 बाय 12 फीट की दुकान थी, जिसे पारिवारिक विवाद बताते हुए नगर निगम द्वारा करीब दस साल पहले सील कर दिया गया।
इसी दुकान काे पड़ौस के मुकेश और नीतिश राजाणी ने तोड़कर कब्जे में ले लिया है। इसी मामले में बुजुर्ग ने 14 जुलाई 2026 को जनसुनवाई में कलेक्टर के सामने शर्ट उतार लिया था और अर्धनग्न होकर यह कहते हुए विरोध जताया था कि उसकी समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है।
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