
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। पुनासा क्षेत्र के ग्राम सुलगांव में खेत में उच्चदाब विद्युत लाइन के टॉवर लगाने का मामला शनिवार को फिर गरमा गया। शुक्रवार को प्रशासन द्वारा यहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर टॉवर का काम करने से स्थानीय किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रशासन से चर्चा का दौर बेनतीजा रहा।
प्रशासन पर ज्यादती और जनप्रतिनिधियों पर चुप्पी का आरोप लगाते हुए शनिवार सुबह देवास, बडवानी, खरगोन, कुक्षी सहित आसपास के गांव से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसानों ने टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। यहां तक कि बेरिकेड्स लगाकर पुनासा-सनावद मार्ग को भी पूरी तरह जाम कर दिया।
दिनभर चले घटनाक्रम के बाद शाम को पावर ग्रिड कंपनी ने तीस लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही और आंदोलन समाप्त हुआ। जानकारी के अनुसार शनिवार को मांधाता विधायक नारायण पटेल और भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने भी हस्तक्षेप किया।
धरना शुरू होते ही विधायक पटेल और जिलाध्यक्ष तोमर के साथ किसान तुलासाबाई का पुत्र प्रवीण बिरला और प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां कंपनी के अधिकारियों कलेक्टर गुप्ता और इनके बीच चर्चा हुई। लंबी चर्चा के बाद कंपनी ने मुआवजा राशि को तीस लाख रूपये देने की बात कही। उल्लेखनीय है कि किसान तुलसाबाई की तीन एकड़ भूमि में सात टॉवर लगने के चलते पिछले कुछ दिनों से मामला गरमा रहा था।
आंदोलन दौरान कंपनी के कर्मचारियों की शिकायत पर धनगांव पुलिस ने नौ किसानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शनिवार को किसानों ने विधायक पटेल और जिलाध्यक्ष तोमर के सामने एफआईआर को निरस्त कराने की मांग रखी। इसे लेकर उन्होंने आश्वस्त किया है कि जल्द ही किसानों पर हुई एफआईआर निरस्त करवाई जाएगी।
आंदोलन दौरान कुछ महिला अधिकारियों ने महिला किसानों के वीडियो बनाने का प्रयास किया। इसी बात से महिला किसानों और महिला अधिकारियों के बीच कुछ कहा-सुनी हो गई। गुस्साई महिला किसानों और अधिकारियों के बीच मामला गरमा गया। यहां तक कि मोबाइल छीनाझपटी की घटना भी हुई। इसी बीच कुछ समय के लिए भगदड़ की स्थिति बनी, लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।
किसानों ने विधायक पटेल और जिलाध्यक्ष तोमर से कहा कि शुक्रवार को मूंदी एसडीओपी मनोहरसिंह गवली द्वारा किसानों के साथ अभद्रता की। जबकि किसान सिर्फ तुलासाबाई के खेत में जाने का प्रयास कर रहे थे और उसे उसकी भूमि का सही मुआवजा दिलाने के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया जा रहा था।
खंडवा में खेत में टॉवर के लिए गड्ढा खोदने पर भड़के किसान, खोदे गए गड्ढे में जाकर बैठे