
नईदुनिया प्रतिनिधि, ओंकारेश्वर। तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में गुरुवार सुबह नर्मदा नदी में चल रही नाव के इंजन में अचानक आग लगने से यात्रियों की जान सांसत में आ गई। गोमुख घाट के सामने करीब 11 बजे हुई घटना में नाव के इंजन से आग की लपटें उठती देख यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
नाविक ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए नाव में सवार करीब पांच-छह यात्रियों को दूसरी नाव में सुरक्षित पहुंचाया। समय रहते यात्रियों को दूसरी नाव में शिफ्ट किए जाने से बड़ा हादसा टल गया। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार नाव क्रमांक 198 में होंडा कंपनी का पेट्रोल इंजन लगा था। नर्मदा नदी में नाव चल रही थी, तभी अचानक इंजन से आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग तेज हो गई। नाविक ने घबराने के बजाय यात्रियों को दूसरी नाव में पहुंचाया। इसके बाद घटना की जानकारी नगर परिषद के अधिकारियों को दी गई।
घटना को गंभीरता से लेते हुए नगर परिषद सीएमओ मोनिका पारधी ने नाव के इंजन को जब्त कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। नगर परिषद के आरआई जितेंद्र गोहे को भी मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इंजन में आग लगने की वजह क्या थी और नाव संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
ओंकारेश्वर में नावों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। ब्रह्मपुरी घाट सहित अन्य स्थानों पर नावों के इंजन में आग लगने की घटनाओं के बाद अब फिर सवाल उठ रहे हैं कि पेट्रोल इंजन वाली नावों में ईंधन और इंजन की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं। यात्रियों की संख्या, लाइफ जैकेट और आपात स्थिति में बचाव की व्यवस्था की भी जांच जरूरी है।
नर्मदा में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक नावों से आवागमन करते हैं। ऐसे में छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। गुरुवार की घटना में नाविक की तत्परता से जनहानि टल गई, लेकिन घटना ने नाव संचालन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।