
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा : इंदौर-ऐदलाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोकलगांव टोलबुथ के पास शुक्रवार दोपहर को बुरहानपुर से खंडवा लेकर आ रहे माता की मूर्ति हाईटेंशन लाइन के नीचे झूलते तारों की चपेट में आ गई। तार से निकली चिंगारियों से मूर्ति की साड़ी ने आग पकड़ ली।
इसकी चपेट में मूर्ति के साथ सवार चार युवक भी झुलस गए। हादसे के बाद राजमार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और झुलसे चारों युवकों को राजमार्ग की एंबुलेंस के माध्यम से तत्काल जिला चिकित्सालय उपचार के लिए पहुंचाया गया।
जानकारी के अुनसार शहर के टपालचाल चौक नवदुर्गा उत्सव समिति के सदस्य शुक्रवार सुबह मूर्ति लेने बुरहानपुर के लिए रवाना हुए।करीब 15 फीट से अधिक ऊंचाई की पीओपी से बनी दुर्गा स्वरूप में माता की मूर्ति को ढाई फीट की ट्रॉली पर लेकर वापस खंडवा के लिए रवाना हुए।
राजमार्ग पर मोकलगांव के पास हादसे में मूर्ति के साथ ट्रॉली में सवार उदय पुत्र सुनिल हाथमोड़े, क्रिश पुत्र राजु नीलकंठ, कपिल पुत्र रमेश माने और राजा नामक युवक झुलसे हैं। टपालचाल नवदुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष नितेश मेढ़े ने बताया कि इसे दो रूप से झुलस गए हैं।
हादसे की सूचना पर तत्काल विधायक कंचन तनवे भी अस्पताल पहुंची। उन्होंने आग से झुलसे युवकों को देखा और स्वजनों से चर्चा की। हादसे की जानकारी लेने के साथ ही अस्पताल की टीम को घायल युवकों के उपचार करने के निर्देश दिए। अस्पताल के बर्न वार्ड में दो पंखों में से एक बंद पड़ा हुआ था। आग में झुलसे मरीजों की तड़प देख टपालचाल चौक निवासियों ने नाराजगी जाहिर की। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन एक पुराना कूलर लेकर पहुंचे, लेकिन वह भी खराब होने से चल नहीं पाया। वैसे चारों झुलसे युवकों का जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है।
आग में झुलसने के बाद शाम को समिति सदस्य मूर्ति लेने राजमार्ग पहुंचे। यहां से मूर्ति को शहर में लेकर आया गया। अब स्थापना को लेकर समिति निर्णय लेगी कि इस मूर्ति में सुधार करवाया जाए या फिर नई मूर्ति की स्थापना की जाएगी। जानकारी के अनुसार बुरहानपुर के मूर्तिकार से चर्चा भी की गई है। अध्यक्ष मेढ़े ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासन की लापरवाही से नुकसानी हुई है। अब इस मूर्ति में सुधार या फिर नवीन मूर्ति इस विषय पर समिति निर्णय लेगी।
राजमार्ग पर मोकलगांव में टोलबुथ के पास लंबे समय से झूलते तार हादसों को न्योता देते नजर आ रहे हैं। यहां तक कि एनएचएआइ द्वारा यहां राजमार्ग पर दोनों ओर तारों की कम ऊंचाई को देखते हुए बेरिकेड्स लगा रखे हैं। खास बात यह है कि राजमार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इसलिए लंबे समय से तारों की शिफ्टिंग को लेकर कोई प्रक्रिया नहीं की गई। शुक्रवार को हुए हादसे में समिति सदस्यों द्वारा तारों की कम ऊंचाई को ही कारण बताया।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर माेकलगांव के पास पहले से ही तारों की ऊंचाई कम है और मूर्ति लेकर पहुंचे तो हमें कोई सूचना नहीं थी। यदी सूचना देते तो पहले ही स्टाफ से लोगों काे भेजकर सुरक्षित पार करवा देते। तारों की चपेट में मूर्ति के आने से चार युवक घायल हुए हैं।मूर्ति को क्षति पहुंची है और इसकी मरम्मत का कार्य हाे रहा है।चारों घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति भी सामान्य है। - एसएन पांडे, थाना प्रभारी छैगांव माखन
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