
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। गोशाला क्षेत्र में हुए खूनी संघर्ष में किशन गुप्ता की हत्या के बाद गुरुवार को प्रशासन ने आरोपित पक्ष के अवैध कब्जे पर कार्रवाई की। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह के नेतृत्व में नगर निगम की टीम ने भवानी माता मंदिर के गेट के पास आरोपित पक्ष द्वारा लगाई गई फूल-माला की अस्थायी दुकान को हटा दिया।
कार्रवाई के दौरान मृतक की बहन और परिवार की अन्य महिलाएं मौके पर पहुंचीं। प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट मृतक की बहन ने सिटी मजिस्ट्रेट सिंह के पैरों में झुककर आभार जताया। दरअसल, बुधवार को मृतक के स्वजन ने आरोपितों के मकान और अवैध कब्जे हटाने तथा आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही पोस्टमार्टम कराने की मांग रखी थी।

इस पर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह और सीएसपी अभिनव बारंगे ने कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया था। इसके बाद पुलिस ने बुधवार शाम हत्या के तीन आरोपियों संदीप पुत्र अनिल यादव, अमन पुत्र टिन्ना उर्फ सचिन यादव और प्रथमेश पुत्र संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया।
गुरुवार सुबह सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह नगर निगम और पुलिस की टीम के साथ भवानी माता क्षेत्र पहुंचे। यहां आरोपित पक्ष से जुड़ी अस्थायी फूल-माला की दुकान को हटाने की कार्रवाई की गई। टीम के साथ बुलडोजर पहुंचते ही क्षेत्र में हलचल बढ़ गई और आसपास के अन्य अतिक्रमणकारियों में भी हड़कंप मच गया।

कार्रवाई के बाद मृतक के परिवार की महिलाएं सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचीं। मृतक की बहन ने प्रशासन की कार्रवाई के लिए उनके पैरों में झुककर आभार व्यक्त किया। परिवार ने आरोपी पक्ष के अन्य अवैध मकानों और कब्जों पर भी कार्रवाई की मांग रखी। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने परिवार को धैर्य रखने की बात कही और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

विदित हो कि चार दिन पूर्व पारिवारिक व व्यवसायिक रंजिश के चलते किशन गुप्ता और विजय तथा टिन्ना यादव गुट में विवाद हो गया था। दोनो पक्षो के दो-दो लोग गंभीर घायल हुए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों पर प्रकरण दर्ज किया था। इस बीच उपचार के दौरान किशन गुप्ता की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
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