
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। ग्रामीण अंचल में शिक्षा की शुरुआत कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करने वाले खंडवा के भांजे कोविद अजय गंगराड़े ने चीन में आयोजित वर्ल्ड स्किल प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने डिजिटल इंटरएक्टिव मीडिया डिजाइन श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए 70 देशों के 1400 प्रतिभागियों के बीच यह सफलता प्राप्त की। कोविद की उपलब्धि से खंडवा और पंधाना क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
कोविद गंगराड़े वर्तमान में मुंबई स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलाजी (निफ्ट) से बैचलर ऑफ डिजाइन (बी.डेस.) की पढ़ाई कर रहे हैं। प्रतियोगिता में भारत को कुल छह रजत पदक मिले हैं, जिनमें कोविद का पदक भी शामिल है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रतियोगिता के लिए भारत से 300 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल चीन गया था। कोविद महाराष्ट्र से पढ़ाई करते हुए इस प्रतियोगिता में पदक हासिल करने वाले अकेले प्रतिभागी बताए गए हैं।
कोविद का परिवार मूल रूप से पंधाना क्षेत्र के गांधवा का निवासी है। उनकी शुरुआती शिक्षा कालमुखी-मातपुर जैसे ग्रामीण अंचलों में हुई। वर्तमान में उनके पिता डा. अजय गंगराड़े और माता सुनीता गंगराड़े मुंबई की सोमैया विद्याविहार यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। परिवार की जड़ें आज भी अपनी मातृभूमि और समाज से जुड़ी हुई हैं। पदक जीतने के बाद मुंबई से कोविद माता- पिता के साथ गत दिवस खंडवा आने पर समाज के साथ ही शहर के लोगों ने भी उनका सम्मान किया।
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कोविद की बहन कोपल गंगराड़े भी प्रतिभा के क्षेत्र में परिवार का नाम रोशन कर चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में इंडिया स्किल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया था। वर्तमान में वह अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से ह्यूमन सेंटर्ड डिजाइन में पीएचडी कर रही हैं।
पदक जीतने के बाद पहली बार खंडवा पहुंचे कोविद का रेलवे स्टेशन पर स्वजन और गंगराड़े समाज के लोगों ने स्वागत किया। उनकी उपलब्धि पर अखिल भारतीय गंगराड़े समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट श्याम गंगराड़े सहित समाज के अन्य पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई दी। कोविद के मां सुधांशु और हिमांशु गंगराड़े ने बताया कि कोविद को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मुलाकात का कार्यक्रम है। संभंवत एक दो दिन में वे दिल्ली में राष्ट्राध्यक्षों से मिलेंगे।