
नईदुनिया न्यूज, पुनासा: मध्य-प्रदेश के पुनासा में नौ जनवरी की शाम सराफा व्यवसायी राकेश सोनी पर अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर आभूषणों से भरे दो बैग लूट लिए। वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। घटना को गंभीरता से लेते हुए खंडवा पुलिस ने पांच विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें पुनासा और आसपास के ग्रामीण व वन क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। घने जंगलों में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सहायक पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजेश रघुवंशी घटना के बाद से पुनासा में ही डटे हुए हैं। वे एसडीओपी मनोहरसिंह गवली के साथ जांच के हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं।
डकैतों के हमले में घायल राकेश सोनी के छोटे भाई विकास सोनी ने बताया कि राकेश की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्हें बड़वाह के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सराफा लूट की घटना के 36 घंटे के भीतर ही पुनासा के वार्ड क्रमांक एक में चोरी की एक और वारदात सामने आई। किसान शिवराम-देवराम पटेल के घर के पीछे का दरवाजा तोड़कर चोर भीतर घुसे, जबकि घर के सदस्य सामने के कमरों में सो रहे थे।
चोरों ने शिवप्रसाद की बेटी के बैग से सोने की झुमकी और सोने की पांचाली (करीब दो तोला) के साथ 10 हजार रुपये नकद चुरा लिए। इसके अलावा रसोई से तीन किलो देशी घी, एक बड़ा तपेला, मोबाइल फोन, पांच से सात किलो चावल, एक जर्किन और एक शॉल भी ले गए।
चौंकाने वाली बात यह रही कि चोरों ने घर में रखा भोजन खाया और जाते-जाते दो से तीन लीटर दूध भी पी गए। इसके बाद वे फरार हो गए। इसी दौरान चोर गिरोह ने दूसरे मोहल्ले में शिवकरण-सीताराम के घर में भी प्रवेश किया। वहां से केवल एक पेंट ले गए और अगले माह होने वाले विवाह की पत्रिकाओं का बंडल बाहर फेंक दिया।
पुलिस को आशंका है कि खाने-पीने का सामान और बर्तन ले जाने का तरीका सराफा लूट में शामिल उसी डकैत गिरोह की ओर इशारा करता है। पुलिस दोनों घटनाओं को जोड़कर जांच कर रही है।