Sant Singaji Maharaj: खंडवा जिले में संत सिंगाजी का समाधि दिवस कल, दर्शन को उमड़ेंगे श्रद्धालु
संत सिंगाजी महाराज का 463वां समाधि दिवस सोमवार को मनाया जाएगा। सावन सुदी नवमीं को सिंगाजी धाम में संत सिंगाजी महाराज ने समाधि ली थी। ...और पढ़ें
By Nai Dunia News NetworkEdited By: Nai Dunia News Network
Publish Date: Sat, 14 Aug 2021 05:39:07 PM (IST)Updated Date: Sun, 15 Aug 2021 03:50:33 PM (IST)

Sant Singaji Maharaj: बीड़ (नईदुनिया न्यूज)। संत सिंगाजी महाराज का 463वां समाधि दिवस सोमवार को मनाया जाएगा। सावन सुदी नवमी को सिंगाजी धाम में संत सिंगाजी महाराज ने समाधि ली थी। तभी से यहां अखंड ज्योत जल रही है। समाधि दिवस पर अपने अराध्य के दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार बगैर टीकाकरण प्रमाण पत्र के समाधि दर्शन पर रोक लगा दी गई है।
समाधि स्थल पर शाम से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाएगा। संत सिंगाजी महाराज का जन्म संवत 1576 में वैशाख सुदी नवमी को ग्राम खजूरी जिला बड़वानी में हुआ था। संत सिंगाजी महाराज ने अपने 40 साल के जीवन में अनगिनत चमत्कार किए थे। संत सिंगाजी को पशुओं का देवता भी कहा जाता है।
आज भी जिन किसानों के पशु बीमार होते हैं, वे यहां आकर उनके ठीक होने की मन्नत मांगते हैं। मन्नत पूरी होते ही घी का चढ़ावा किया जाता है। संत सिंगाजी को कबीरपंथी संत भी कहा जाता है। संत सिंगाजी ने गुरु की आज्ञा को मानकर अपना मुंह ना दिखाते हुए संवत 1616 सावन सुदी नवमी को पिपलिया (सिंगाजी) में जीवित समाधि ले ली थी। तभी से यहां अखंड ज्योत जल रही है।
कोविड गाइड लाइन के पालन के साथ होंगे दर्शन
संत सिंगाजी समाधि ट्रस्ट के महंत रतनलाल महाराज ने बताया कि संत सिंगाजी महाराज के समाधि दिवस को लेकर तैयारी कर ली है। सुबह से लेकर शाम तक मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन होंगे। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट दिखाने होंगे। मास्क लगाने के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।