• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • खंडवा

सिंहस्थ में एक करोड़ श्रद्धालु आएंगे, इंटरनेट के नेटवर्क ने साथ छोड़ा तो कैसे संभलेगी तीर्थनगरी ओंकारेश्वर

सिंहस्थ 2028 में तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को संभालने के ...और पढ़ें

By Manish KareEdited By: Ramnath Mutkule
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 03:46:53 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 03:56:23 PM (IST)
सिंहस्थ में एक करोड़ श्रद्धालु आएंगे, इंटरनेट के नेटवर्क ने साथ छोड़ा तो कैसे संभलेगी तीर्थनगरी ओंकारेश्वर
बारह ज्योतिर्लिंग में शामिल तीर्थनगरी ओंकारेश्वर। -नईदुनिया

HighLights

  1. सिंहस्थ की तैयारियों में सड़क, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण पर करोड़ों के काम
  2. संचार व्यवस्था की क्षमता को कर रहे नजरअंदाज
  3. शनिवार-रविवार को भीड़ बढ़ने पर ही दम तोड़ देती है संचार व्यवस्था

मनीष करे, नईदुनिया, खंडवा : सिंहस्थ 2028 में तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में करीब एक करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को संभालने के लिए प्रशासन सड़क, पार्किंग, पैदल पुल, मंदिर परिसर, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।

हालांकि इन तैयारियों के बीच संचार व्यवस्था सबसे अहम जरूरतों में शामिल होने के बावजूद फिलहाल हाशिए पर दिखाई दे रही है। वर्तमान में ही शनिवार, रविवार और विशेष पर्वों पर भीड़ बढ़ते ही मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवा प्रभावित होने लगती है। ऐसे में सिंहस्थ के दौरान यदि नेटवर्क क्षमता नहीं बढ़ाई गई तो इसका सीधा असर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, संपर्क और डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर पड़ सकता है।


ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल सेवाओं में भी परेशानी आती है

ओंकारेश्वर में वर्तमान भीड़ के दौरान कई बार मोबाइल पर बात करना मुश्किल हो जाता है। इंटरनेट की गति प्रभावित होने से ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल सेवाओं में भी परेशानी आती है। सिंहस्थ में भीड़ कई गुना बढ़ने पर यही समस्या और गंभीर हो सकती है।

आपात स्थिति में सूचना पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण होगा

बाहर से आने वाले श्रद्धालु अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पाए तो आपात स्थिति में सूचना पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण होगा। भीड़ प्रबंधन में मोबाइल आधारित सूचना, लोकेशन शेयरिंग, डिजिटल भुगतान और प्रशासनिक संचार की भूमिका को देखते हुए नेटवर्क क्षमता बढ़ाना जरूरी होगा। किसी आपात स्थिति में सहायता व अन्य व्यवस्था में नेटवर्क का अभाव परेशानी की वजह बन सकता है।

नेटवर्क के अभाव में आनलाइन दर्शन व्यवस्था प्रभावित

ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा कई आनलाइन सुविधाएं शुरू की है। इनमें घर बैठने ज्योतिर्लिंग दर्शन-पूजन, शीघ्र दर्शन के लिए आनलाइन बुकिंग सेवा सहित अन्य आनलाइन सेवाएं संचालित है लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण इन सेवाओं को लाभ श्रद्धालुओं को सही ढ़ंग से नहीं मिल पाता है।

कई बार तो व्हीआइपी या शीघ्र दर्शन के लिए बुकिंग मैसेज भेजने में भी परेशानी होती है। श्रद्धालुओं को वाट्सअप पर मैसेज नहीं मिल पाते है। आम दिनों में ट्रैफिक कम रहने से निजी कंपनियां यहां टावर खड़े करने में रूचि नहीं लेती है। वर्तमान में एक निजी कंपनी और बीएसएनएल उपभोक्ताओं को सेवाएं दे रहा है। इस संबंध में पुनासा एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट के प्रभारी सीईओ पंकज वर्मा ने बताया कि नेटवर्क की समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

938 करोड़ के 46 प्रोजेक्ट, 21 पर काम शुरू

सिंहस्थ के लिए ओंकारेश्वर में श्रद्धालु सुविधा और क्राउड मैनेजमेंट से जुड़े कुल 46 प्रोजेक्ट की लागत 938.43 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। इनमें अभी 21 प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ है, जबकि 20 कार्य ऐसे हैं जिनके प्रस्ताव स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं। शुरू हुए कार्यों की लागत करीब 247.14 करोड़ रुपये है।

प्रस्तावित बड़े कार्यों में ओंकारेश्वर मंदिर परिसर विकास 160 करोड़, ममलेश्वर मंदिर परिसर विकास करीब 119 करोड़, ओंकार सर्किट 70 करोड़, नया होटल 50 करोड़ और कुबेर भंडारी पार्किंग 38 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा बायपास सड़क, सीसी रोड, अस्पताल विस्तार, पार्किंग, ट्रेंचिंग ग्राउंड, फूड कोर्ट और सुरक्षा से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं।

पैदल पुल और सुरक्षा ढांचा भी तैयार होना बाकी

स्वीकृति के बाद भी कुछ महत्वपूर्ण कार्य शुरू नहीं हुए हैं। इनमें ममलेश्वर सेतु के पास हाई लेवल पैदल पुल, जेपी चौक के पास नया हाई लेवल पैदल पुल और ओंकार घाट से सिद्धवरकूट तक अप्रोच रोड सहित पैदल पुल शामिल हैं। इनकी कुल लागत करोड़ों रुपये है। इसके अलावा पुलिस वाच टावर और 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का कार्य भी प्रस्तावित है।

सिर्फ सड़क-पार्किंग नहीं, नेटवर्क भी भीड़ प्रबंधन का हिस्सा

सिंहस्थ की तैयारियों में श्रद्धालुओं की आवाजाही, पार्किंग, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के साथ संचार नेटवर्क को भी क्राउड मैनेजमेंट की मूलभूत जरूरत के रूप में शामिल करने की आवश्यकता है। मोबाइल टावरों की क्षमता बढ़ाने, अस्थायी नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और आपातकालीन संचार व्यवस्था की पहले से योजना नहीं बनी तो भीड़ के दौरान सड़क और पार्किंग व्यवस्था बेहतर होने के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए संपर्क और डिजिटल सेवाओं का संकट खड़ा हो सकता है।

इसलिए सिंहस्थ की तैयारियों में यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि एक करोड़ संभावित श्रद्धालुओं के दबाव को देखते हुए ओंकारेश्वर का मोबाइल नेटवर्क कितना तैयार है और नेटवर्क फेल होने की स्थिति में वैकल्पिक संचार व्यवस्था क्या होगी।

बीएसएनएल के साथ चर्चा चल रही है

ओंकारेश्वर में नेटवर्क की समस्या का निराकरण करने के लिए बीएसएनएल के साथ चर्चा चल रही है। जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा। सिंहस्थ के लिए स्वीकृत कार्य शुरू हो चुके है। विशेष पोर्टल के माध्यम से प्रतिदिन प्रगति की निगरानी की जा रही है। जिन 20 कार्यों के प्रस्ताव लंबित हैं, उन्हें कमिश्नर स्तर पर भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे। -श्रद्धा शुक्ला एडीएम और सिंहस्थ नोडल अधिकारी

यह भी पढ़ें- '2 घंटे में दो ज्योतिर्लिंग दर्शन': MP में पीएमश्री पर्यटन हेली सेवा बनी श्रद्धालुओं की पहली पसंद, रोजाना 10 से अधिक यात्री