
नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा : जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच हरसूद में एक युवक की मौत से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। इस सीजन में संभाग में डेंगू से मौत का यह पहला मामला बताया जा रहा है। जिले में अब तक 14 डेंगू पाजिटिव मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 9 मामले हरसूद तहसील के हैं।
वहीं, खंडवा शहर में चार और छैगांव माखन में एक मरीज की पुष्टि हुई है। हरसूद के सेक्टर नंबर छह निवासी 21 वर्षीय व्यापारी गौतम पुत्र विजय जैन हुई मौत के बाद क्षेत्र में डेंगू के संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। डेंगू से मौत जैसे संवेदनशील मामले में मलेरिया और स्वास्थ्य विभाग के स्थानीय अधिकारी मौत की वजह का खुलासा करने से कतरा रहे है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, हरसूद में मृत युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बताया जाता है कि युवक को बुखार आने पर खंडवा के निजी चिकित्सक को दिखाया गया था वहां दिए गए सैंपल की जांच में डेंगू पॉजिटिव आया था। इसकी जानकारी मिलने पर मलेरिया विभाग द्वारा भी युवक का सैंपल लेकर जांच की गई जिसमें डेंगू एलिजा पॉजिटिव की पुष्टि हुई थी।
जिला मलेरिया अधिकारी करण सिंह भूरिया का कहना है कि युवक और उसके स्वजनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने की समझाइश दी गई थी, लेकिन युवक अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ। डेंगू से मौत का यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मृतक के परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की गई। परिवार में मृतक की दादी को बुखार होने पर उनका सैंपल लिया गया था, हालांकि जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। इससे फिलहाल परिवार के अन्य सदस्यों में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है।
जिला मलेरिया अधिकारी भूरिया के अनुसार, मरीज के पाजिटिव आने की सूचना मिलते ही 23 तारीख को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर भेजी गई थी। टीम ने क्षेत्र में लोगों को डेंगू से बचाव के लिए समझाइश दी। साथ ही मच्छरों के लार्वा की जांच और फ़ागिंग जैसी गतिविधियां भी की गईं। विभाग का कहना है कि संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
जिला महामारी विशेषज्ञ योगेश शर्मा के अनुसार युवक की मौत डेंगू शाक सिंड्रोम की वजह से होने की संभावना लग रही है। वही घटना के तीन दिन बाद भी हरसूद बीएमओ डा. आशीष राज मिश्रा का कहना है कि युवक डेंगू पाजिटिव था, उसका उपचार निजी चिकित्सक से चल रहा था। इसलिए मौत की वजह को लेकर कुछ स्प्ष्ट नहीं कहा जा सकता है। एहतियातन आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
डेंगू के साथ जिले में मलेरिया के भी चार मामले दर्ज हुए हैं। ऐसे में बदलते मौसम के बीच बुखार के मरीजों की जांच और मच्छरों की रोकथाम महत्वपूर्ण हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर व पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने तथा बुखार आने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है। हरसूद में हुई मौत के बाद अब क्षेत्र में बीमारी की रोकथाम और निगरानी पर विशेष कार्ययोजना जरूरी है।
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