
नईदुनिया न्यूज, कसरावद। नगर के मध्य 500 वर्ष पुराने श्रीराम मंदिर के नव निर्माण व विस्तारीकरण कार्य की शुरुआत हो गई है। मंदिर परिसर के पश्चिमी हिस्से में निर्माण कार्य शुरू होते ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। नगर के आस्था के प्रमुख केंद्र इस मंदिर को अब भव्य स्वरूप दिया जाएगा। इसमें गर्भगृह, सभा मंडप व 51 फीट ऊंचा शिखर बनाया जाएगा।
मंदिर का निर्माण राजस्थान के उच्च गुणवत्ता वाले पिंक सैंडस्टोन (गुलाबी बलुआ पत्थर) से किया जा रहा है। इसी प्रकार का पत्थर अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण में भी उपयोग किया गया है। निर्माण कार्य की अनुमानित लागत 50 लाख रुपये से अधिक है और इसे अगले छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मंदिर सेवा समिति के अनुसार नगर के श्रद्धालु सुरेंद्र पांचोंटिया परिवार ने मंदिर के पीछे की भूमि खरीदकर मंदिर के नाम दान की है। इसी भूमि पर श्रीराम मंदिर सेवा समिति दानदाताओं व श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का विस्तार व निर्माण करा रही है। समिति का कहना है कि नगरवासियों का सहयोग लगातार मिल रहा है। इससे निर्माण कार्य गति पकड़ चुका है।
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार श्रीराम मंदिर का इतिहास लगभग 500 वर्ष पुराना है। बताया जाता है कि मुगल काल में इस मंदिर पर भी आक्रमण हुए थे, लेकिन समय-समय पर इसका पुनर्निर्माण होता रहा है।
मंदिर समिति अध्यक्ष मनोज सराफ, डॉ. हेमंत पाटीदार, नरेंद्र वराडिया व सुधीर सराफ ने बताया कि श्रीराम जन्मोत्सव, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। वर्तमान में परिसर छोटा होने से व्यवस्थाओं में कठिनाई होती है। नव निर्माण के बाद श्रद्धालुओं को अधिक स्थान व बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। धार्मिक आयोजन व्यवस्थित ढंग से हो सकेंगे।
नगरवासियों का कहना है कि श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि नगर की सांस्कृतिक व धार्मिक पहचान है। यही कारण है कि इसके भव्य निर्माण में श्रद्धालु खुलकर सहयोग कर रहे हैं और मंदिर को दिव्य स्वरूप देने का सपना साकार करने में योगदान दे रहे हैं।