
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन। खरगोन जिले के सनावद से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां छह वर्षीय मासूम का अपहरण कर 22 दिनों तक उसे तांत्रिक क्रियाओं का शिकार बनाया गया। पुलिस ने इस मामले में 'धनवर्षा' का लालच देने वाले पाखंडी तांत्रिक समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना सनावद के खंगवाड़ा फाटे गांव की है। टीआई धर्मेंद्र यादव के अनुसार, 10 दिसंबर को छह वर्षीय बालक अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी आरोपितों ने उसे गेंद दिलाने का लालच दिया और उसका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद आरोपित शुभम यादव खंडवा जिले के पुनासा में एक किराए का कमरा लेकर छिप गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि शुभम रात के समय एक बच्चे को साथ ले जाते हुए देखा गया है, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
एसडीओपी अर्चना रावत ने बताया कि इस पूरे मामले का मुख्य सूत्रधार सुरेंद्र उर्फ पिंटू बघेल है, जो खुद को तंत्र विद्या में सिद्धि प्राप्त बाबा बताता था। उसने आरोपित रामपाल नरवरे को यह झांसा दिया था कि वह अपनी तांत्रिक शक्तियों से धनवर्षा करा सकता है और जमीन में गड़े हुए धन का पता लगा सकता है। लालच में आकर रामपाल और शुभम ने धनसिंह बडोले से संपर्क किया, जिसने इस पूरी किडनैपिंग की साजिश रची।
पकड़े गए आरोपितों ने पुलिस के सामने दिल दहला देने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि गड़े धन को निकालने की प्रक्रिया के तहत बच्चे को 22 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान मासूम को नग्न कर उसे सिंदूर लगाया जाता था और नींबू की माला पहनाई जाती थी। उसे काला कपड़ा ओढ़ाकर तांत्रिक अनुष्ठान किए जाते थे। आरोपित बच्चे को भरपेट खाना भी नहीं देते थे, जिसके कारण मासूम काफी बीमार हो गया है।
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पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है:
पुलिस फिलहाल आरोपितों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले भी इस तरह की किसी वारदात को अंजाम दिया है या नहीं।