
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन : शहर के बिस्टान रोड पर शनिवार सुबह दो गाएं बिजली के टूटे तारों की चपेट में आ गई। तारों में करंट होने से गायों ने मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे गोरक्षकों ने विद्युत वितरण कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी दर्ज कराई।
दोपहर करीब 12 बजे मृत गायों को लेकर गोरक्षक कसरावद रोड स्थित अधीक्षण यंत्री कार्यालय पहुंचे। यहां कार्यालय के सामने चित्तौड़गढ़-भुसावल राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाय के शव रखकर प्रदर्शन किया। इससे राजमार्ग पर रास्ताजाम की स्थिति निर्मित हो गई। सैंकड़ों वाहन जाम में फंस गए।
हालांकि दोपहर करीब दो बजे एक एबुलेंस के आने पर गोरक्षकों ने उसे निकलने का रास्ता दिया। करीब पांच घंटे चले प्रदर्शन के बाद विभाग ने बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आनन-फानन में लापरवाही के जिम्मेदार विद्युतकर्मी को निलंबन करने का आदेश जारी किया। उधर, जाम के चलते विविकं कार्यालय के पीछे से मार्ग डायवर्ट करने पर वाहन चालकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। निर्माणाधीन कालोनी में वाहनों की कतार में एक एंबुलेंस वाहन भी बहुत देर तक फंसा रहा।
विविकं के अधीक्षण यंत्री जयपाल ठाकुर ने गोरक्षकों के बीच पहुंचकर उन्हें बताया कि लापरवाही बरतने पर खरगोन ग्रामीण विद्युत केंद्र पर पदस्थ लाईन परिचायक जितेंद्र भालसे को तत्काल प्रभावी निलंबित कर दिया है। आदेश की कापी सौंपते हुए रास्ताजाम खोलने की अपील की।
इस दौरान एसडीएम सत्येंद्र बैरवा, तहसीलदार आदि अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। आदेश की कापी मिलने के बाद गोरक्षकों ने प्रदर्शन खत्म किया। इसके चलते शाम करीब 5.30 बजे आवागमन शुरु हो सका। हालांकि लंबा जाम होने के चलते करीब छह बजे यातायात सुचारु हो सका। इस दौरान यात्री बसों में सवारियां व स्कूल बसों में विद्यार्थी भी परेशान हुए।
प्रदर्शन में शामिल गोमाता सेवा संस्थान अध्यक्ष गोरक्षक सतीष राठौड़, हरिओम यादव, कमलेश यादव ने नाराजगी दर्ज कराते हुए बताया कि करंट से मौत का यह कोई पहला मामला नही है। पिछले चार माह में यह तीसरी घटना है। इससे पहले डेढ़ माह पहले जून माह में भी मांगरूल रोड पर एक नंदी की करंट से मौत हो गई थी। विभाग की इस लापरवाही के खिलाफ पहले भी कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके है, लेकिन विभाग गंभीर नहीं है। इसलिए आज इस लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखा।
गोरक्षक ऋषि यादव, मनोज कर्मा व वीरेंद्र बडे ने बताया इससे पहले चार अगस्त को मुसेखां रोड पर भी एक गाय करंट की चपेट में आ गई थी। उस समय भी पोस्ट आफिस चौराहे पर प्रदर्शन किया था। बार-बार करंट से हो रही गाेवंश की मौत के बाद भी विभाग लापरवाही बरत रहा है। गोरक्षकों का आरोप है कि बिस्टान रोड पर तार टूटने की सूचना लोगों ने शुक्रवार रात ही दे दी थी, बावजूद इसके न तो सप्लाय बंद की और न ही टूटे तार का दुरुस्ती कार्य किया गया। नतीजतन यह गायें इन करंट की चपेट में आ गई।
प्रदर्शन के दौरान वाहनों से उपज लाए कई किसान भी जाम में फंस गए, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों से कहासुनी भी हुई। एक किसान ट्रेक्टर लेकर आगे बढ़ने लगा, जिससे विवाद बढ़ने पर मौके पर तैनात मेनगांव थाना प्रभारी मंशाराम रोमड़े ने किसानों सहित गोरक्षकों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इस दौरान तैनात पुलिसकर्मियों ने नवग्रह मंदिर पुल, स्टाप डेम रपट, टेमला फाटो और मेनगांव थाने के सामने बेरिकेट्स लगाकर भारी वाहनों को रोका और छोटे वाहनों के मार्ग डायवर्ट किए।