
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन : जिले में हो रही घटनाओं में कानून व्यवस्था और आमजन को मिलने वाली सुविधाओं के मामले में पूरी व्यवस्था लचर नजर आ रही है, वहीं घटनाओं के बाद सुधार को लेकर भी जिम्मेदार लाचार नजर आ रहे हैं।
जिले के भीकनगांव क्षेत्र में शुक्रवार रात प्रसुता को लेने पहुंचा एंबुलेंस वाहन कीचड़ में फंस गया। इस पर परिजन प्रसुता को तीन किमी तक बैलगाड़ी व बाइक से लेकर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में डिलेवरी तो करवाई गई लेकिन बालिका मृत पैदा हुई। वहीं एक अन्य मामले में अवैध खनन पर कार्रवाई करने पहुंची टीम को मुंह की खाना पड़ी।
अवैध खननकर्ताओं ने ना सिर्फ टीम पर पथराव किया बल्कि वे टीम से एक जेसीबी और एक ट्रेक्टर छिन ले गए। पुलिस ने तीन आरोपितों के विरूद्ध नामजद प्रकरण दर्ज किया है। ज्ञात हो कि इससे पूर्व भी खनिज विभाग की टीम पर जिले की खलटाका पुलिस चौकी क्षेत्र में हमला हुआ था, जिसमें विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जानकारी अनुसार जिले के भीकनगांव क्षेत्र पिपल्या पंचायत के मांगिया फलिया निवासी राजकुमार बड़ोले के अनुसार उनकी रिश्तेदार शिवानी पत्नी विक्रम को शुक्रवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। सूचना पर आशा कार्यकर्ता रचना पहुंचीं और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस भीकनगांव से मांगिया फलिया की ओर रवाना हुई, लेकिन कीचड़ में फंस गई।
इसके बाद ग्रामीणों ने शिवानी को बैलगाड़ी से पक्की सड़क तक पहुंचाया और वहां से दोपहिया वाहन से अस्पताल ले जाया गया। शिवानी ने मृत बच्ची को जन्म दिया। हालांकि, चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि प्रसूता के गर्भ में बच्ची की मौत अस्पताल पहुंचने से करीब दो दिन पहले ही हो चुकी थी। डाक्टरों ने खराब सड़क और बच्ची की मौत के बीच कोई चिकित्सकीय संबंध होने से इनकार किया है।
राजकुमार ने आरोप लगाया कि खराब रास्ते के कारण अस्पताल पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 121 परिवार सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार आवेदन दे चुके हैं। उनका कहना है कि सड़क समय पर बन जाती तो महिला को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी नहीं होती।
भीकनगांव बीएमओ डा. विजय वर्मा ने बताया कि जांच में भ्रूण की मृत्यु प्रसव से करीब दो दिन पहले होने के संकेत मिले हैं। भ्रूण की त्वचा निकलने और झिल्ली फटने जैसे लक्षण भी मिले। बीएमओ के अनुसार शिवानी की हालत स्थिर है। उसकी पहले से दो बेटियां हैं। वह 25 जुलाई को पति के साथ मजदूरी के लिए गुजरात गई थी और 14 सितंबर को गांव लौटी थी।
सीएमएचओ डा. दौलत सिंह चौहान ने कहा कि महिला गर्भावस्था के दौरान गुजरात में मजदूरी कर रही थी और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की नियमित निगरानी में नहीं थी। भ्रूण की हलचल बंद होने की जानकारी भी समय पर स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी गई।
बीएमओ ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट सीएमएचओ और कलेक्टर को भेजने की बात कही है। वहीं, खराब सड़क को लेकर अधिकारियों ने बताया कि मार्ग निर्माण का प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। इस मामले में भीकनगांव एसडीएम लोकेश छापरे व कलेक्टर गुरु प्रसाद को जानकारी के लिए काल किया लेकिन उन्होंने काल अटैंड नहीं किया और ना ही इंटरनेट मीडिया पर जवाब दिया।
अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई करने पहुंची खनिज विभाग की टीम पर रेत उत्खननकर्ताओं ने हमला कर दिया। मांगरूल में कुंदा नदी से अवैध रेत उत्खनन की शिकायत पर सहायक खनिज अधिकारी प्रियंका अजनार टीम के साथ मौके पर पहुंची थीं। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि उत्खननकर्ताओं ने टीम पर पथराव कर दिया। पथराव में एक सैनिक घायल हुआ है।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान उत्खननकर्ता ट्रैक्टर-जेसीबी सहित अन्य वाहन छुड़ाकर मौके से भाग निकले। टीम ने एक ट्रैक्टर जब्त कर जैतापुर पुलिस के सुपुर्द किया है। मामले में पुलिस ने सतीश, योगेश और विशाल के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। जैतापुर थाना प्रभारी सुदर्शन कलोसिया ने बताया कि खनिज निरीक्षक की शिकायत पर तीन आरोपितों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किया है। आरोपित फिलहाल फरार हैं।