
नईदुनिया न्यूज, बिस्टान (खरगोन) : पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक खेत पर दबिश दी, जहां करीब एक एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से गांजे की खेती की जा रही थी। पुलिस ने मौके से 12 क्विंटल 69 किलो वजनी 2230 हरे गांजे के पौधे जब्त किए हैं।
थाना प्रभारी गुलाबसिंह रावत ने बताया कि सूचना मिली थी कि स्थानीय नगर परिषद अंतर्गत आने वाले महूमांडली क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अवैध रूप से गांजे की फसल लगाई है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान बिजासन माता मंदिर के पूर्व दिशा में स्थित आरोपित के खेत पर अवैध खेती का मामला सामने आया।
पुलिस के अनुसार आरोपित तेरसिंह (34) पिता जुवानसिंह निवासी डोल फाटा महूमांडली द्वारा खेत में सुनियोजित तरीके से गांजे की खेती की जा रही थी। पौधों को तेजी से और बेहतर तरीके से बढ़ाने के लिए ड्रिप सिंचाई प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा था। जब्त गांजे के पौधों की लंबाई पांच से आठ फीट के बीच है। इससे स्पष्ट होता है कि यह खेती लंबे समय से चल रही थी।
फिलहाल पुलिस ने आरोपित तेरसिंह को हिरासत में लेकर एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है। सोमवार को आरोपित तेरसिंह को मंडलेश्वर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपित के खिलाफ पूर्व में भी स्थानीय थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज है। इस कार्रवाई में एएसआइ सुदामा मोरे, नवनीत चतुर्वेदी, प्रधान आरक्षक सतीश कुशवाह, रामलाल तंवर, आरक्षक विनायक राजावत, अनिल व यशपाल की भूमिका रही।
नप क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की अवैध खेती का यह मामला अपने आप में पहला बताया जा रहा है। हालांकि इस कार्रवाई के बाद स्थानीय नागरिकों में सुरक्षा व्यवस्था व पुलिस की खुफिया प्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एक एकड़ क्षेत्र में इतनी बड़ी फसल तैयार हो सकती है और पौधे पांच से आठ फीट तक ऊंचे हो सकते हैं तो स्थानीय स्तर पर इसकी भनक पुलिस को पहले क्यों नहीं लगी? इस तरह की घटनाओं से पुलिस की कार्यप्रणाली व मुखबिर तंत्र की सक्रियता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
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