आज हुआ था संत सिंगाजी का जन्म, जानिए क्यों होती है इनकी पूजा
मध्यप्रदेश में बड़वानी जिले के खजूरी गांव में संत सिंगाजी महाराज का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। ...और पढ़ें
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Publish Date: Tue, 24 Apr 2018 11:39:07 AM (IST)Updated Date: Tue, 24 Apr 2018 11:53:41 AM (IST)

मल्टीमीडिया डेस्क। मध्यप्रदेश में बड़वानी जिले के खजूरी गांव में संत सिंगाजी महाराज का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। 499 साल पहले 24 अप्रैल को वैशाख सुदी नवमी संवत 2075 के दिन सिंगाजी महाराज ने जन्म लिया था। अब उनके समाधिस्थल पर भव्य मेला लगता है और लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।
गुरु मनरंग स्वामी के उपदेश के बाद सिंगाजी को वैराग्य हो गया था। पहले केवल सिंगाजी की मूर्ति और उनकी चरण पादुकाओं के दर्शन गोते थे। फिर खंडवा के पास सिंगाजी का समाधि स्थल डूब जाने के बाद वहां से अखंड ज्योत को भी खजुरी ग्राम में लाया गया है।
लोगों के अनुसार, संत सिंगाजी गाय व भैंस के रक्षक माने गए हैं। जानवरों से उन्हें काफी स्नेह था। वे गोपालक थे। संत सिंगाजी के स्थल पर लोग मान-मन्नत उतारने पहुंचते हैं।
आसपास के गांवों में कहीं भी पहली बार भैंस या गाय बछड़े को जन्म देती हैं तो यहां भारी मात्रा में घी और दूध भारी चढ़ाया जाता है। चढ़ाई जाने वाली ऐसी सामग्री का प्रसाद बनाकर भक्तों में बांट दिया जाता है।
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सिंगाजी के नाम पर खंडवा में थर्मल पॉवर प्लांट भी है। आसपास के गांवों में कथा-प्रवचन होते हैं, जिनमें संत सिंगाजी महाराज की अद्भुत लीलाओं का वर्णन किया जाता है।
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