
नईदुनिया प्रतिनिधि,मंडला। कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र में उपचार के दौरान सीडीवी वायरस से पीड़ित बाघिन की मौत हो गई। कान्हा में केनोइन डिस्टेंपर वायरस से अब तक यह आठवीं मौत है। लगभग तीन माह के बाद सीडीवी वायरस से एक बाघ की मौत हुई है।
कान्हा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार कान्हा टाइगर रिजर्व के मुक्की परिक्षेत्र स्थित वन्य प्राणी उपचार केंद्र में उपचाराधीन करीब तीन वर्षीय मादा बाघ की 6 अक्टूबर को होना बताया गया है। उसे 26 अगस्त को गश्ती दल ने वन क्षेत्र में अकेले और अत्यंत कमजोर अवस्था में देखा था।
स्वास्थ्य सुधार और जीवन रक्षा के लिए 27 अगस्त से वन्य प्राणी चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा था। उपचार के दौरान उसमें कैनाइन डिस्टेंपर वायरस के लक्षण पाए गए थे।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत बुधवार को कान्हा के वन्य प्राणी चिकित्सा अधिकारी और बैहर के पशु चिकित्सक ने संयुक्त रूप से शव परीक्षण किया। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शवदाह किया गया।
शव परीक्षण के दौरान आवश्यक अंगों और जैविक नमूनों को फोरेंसिक एवं पैथोलॉजिकल जांच के लिए जबलपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मृत्यु के कारणों की स्थिति स्पष्ट होगी।
इस दौरान कान्हा के क्षेत्र संचालक, उपसंचालक, सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी, एनटीसीए प्रतिनिधि रंजीत सत्रसुलय, स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 26 अगस्त को मुक्की परिक्षेत्र में कोर व बफर की सीमा में यह बाघिन कमजोर अवस्था में मिली थी। इस बाघिन को कान्हा टाइगर रिजर्व का नहीं होना बताया जा रहा है। पार्क प्रबंधन के अनुसार हमने सारी जांच करा ली है। इसका कान्हा टाइगर रिजर्व से नहीं होना पाया गया है। यह किसी और क्षेत्र से कान्हा में प्रवेश कर गई थी। जिसका उपचार कराया जा रहा था।
कान्हा टाइगर रिजर्व में अमाही बाघिन और उसके चार शावक सबसे पहले सरही रेंज में केनोइन डिस्टेंपर वायरस से पीड़ित हुए थे। जिसके बाद क्रमश: उनकी मौत होते गई थी
मुक्की के वन्यप्राणी उपचार केंद्र में उपचाराधीन बाघिन की मौत हुई है। इसमें सीडीवी वायरस के लक्षण थे। यह बाघिन कान्हा की नहीं है। बाघिन का शव परीक्षण के बाद शवदाह कराया गया।
पीके वर्मा,डिप्टी डायरेक्टर,कान्हा टाइगर रिजर्व
यह भी पढ़ें- जबलपुर के मेडिकल काॅलेज की फरार कैशियर पर तीन हजार का इनाम, चार आरोपी गिरफ्तार