
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंडला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को देर से मंडला पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने में हुई देरी के लिए उन्होंने उपस्थित लोगों से माफी मांगी। इसके बाद उन्होंने करीब 10 मिनट संबोधित किया। मुख्यमंत्री मंडला में आयोजित प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के सदस्यों के प्रशिक्षण-सह-जागरूकता एवं प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में तेंदूपत्ता संग्राहकों को 36 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की बोनस राशि वितरित की गई। इससे 9 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहक लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के दौरान 84 वन समितियों के सदस्यों को 26 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक का काष्ठ लाभांश भी वितरित किया गया।
मंडला में आयोजित कार्यक्रम से जबलपुर, डिंडौरी, बालाघाट और सिवनी जिले के हितग्राही भी लाभान्वित हुए। इसके अलावा मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के मार्गदर्शन में नक्सलवाद को खत्म कर लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। उन्होंने मंडला में टाइगर सफारी जू बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सांदीपनि स्कूल खुलने के बाद स्कूल ड्रॉपआउट शून्य प्रतिशत हो गया है। गांवों से आवागमन के लिए सरकारी बसों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सार्वजनिक परिवहन की सुविधा को सरकार विस्तार दे रही है।
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मुख्यमंत्री ने सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते की मांग पर दो कॉलेज खोलने की घोषणा की। वहीं पीएचई मंत्री संपतिया उइके की मांग पर कोदो-कुटकी की प्रोसेसिंग के लिए फैक्ट्री लगाने की बात कही। उन्होंने प्रदेश में दूध उत्पादन 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य बताया। मंडला में लगभग समाप्त हो चुकी पान की खेती को फिर से शुरू कराने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय प्रदेश का बजट काफी कम था, जबकि आज प्रदेश का बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में ट्रांसफर के नाम पर लोगों को डराया-धमकाया जाता था। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, पीएचई मंत्री संपतिया उइके और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते मौजूद रहे।