
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंडला। मध्य प्रदेश शासन का नाम लिखे वाहन से गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बनकर झोलाछापों को डराने और अवैध वसूली करने वाले गिरोह का नैनपुर पुलिस ने राजफाश किया है।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को अपराध दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया है। आरोपित छापेमारी और कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों से रुपये वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम मक्के निवासी युवराज पुरी गोस्वामी, उम्र 28 वर्ष की रिपोर्ट पर 9 अक्टूबर थाना नैनपुर में अपराध क्रमांक 468/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 119(1), 318(4) और 319(2) में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी नैनपुर मनीष राज के मार्गदर्शन में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि समीर पटेल ने भूपेंद्र बैरागी और एक अन्य साथी के साथ मिलकर मंडला निवासी गरीबदास बैरागी से बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी 51 सीए 6240 को 30 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर लिया था।
वाहन पर मध्य प्रदेश शासन लिखकर तीनों ने कथित तौर पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बनकर गांव-गांव जाने और झोलाछापों के यहां छापेमारी करने की योजना बनाई।
पुलिस ने मामले में समीर पटेल (32), निवासी ग्राम नारा, चौकी हिरदेनगर, थाना महाराजपुर भूपेंद्र बैरागी (31), निवासी पाॅलीटेक्निक कॉलेज के पास, राजीव कॉलोनी मंडला और सिद्धांत पटेल (24), निवासी ग्राम नारा, चौकी हिरदेनगर, थाना महाराजपुर को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, प्रकरण में आरोपितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी व्यक्ति के सरकारी अधिकारी होने पर संदेह होने की स्थिति में उसकी पहचान की पुष्टि करें और वसूली की सूचना तत्काल पुलिस को दें।