
नईदुनिया न्यूज, बम्हनी बंजर,मंडला। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार को उप तहसील बम्हनी बंजर कार्यालय परिसर में रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए एक प्राइवेट बाबू को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा।
मामले में नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और प्राइवेट बाबू हरीश सिंगौर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। ग्राम सिल्गी निवासी रोहणी प्रसाद चंद्रौल ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय जबलपुर में शिकायत की थी।
उनके पिता झनक लाल के नाम ग्राम सिल्की में कृषि भूमि थी, जिसे वसीयतनामा के माध्यम से उसके बेटे आलोक चंद्रौल के नाम किया गया था। कृषि भूमि के नामांतरण के लिए रोहणी प्रसाद ने आनलाइन आवेदन किया था। नामांतरण आदेश जारी करने के एवज में उप तहसील बम्हनी बंजर के नायब तहसीलदार अजय श्रीवास्तव और कार्यालय में बाबू के रूप में काम कर रहे निजी व्यक्ति हरीश सिंगौर द्वारा 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपितों द्वारा 8 हजार रुपये लेने पर तैयार हो गए। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने गुरुवार को उप तहसील बम्हनी बंजर कार्यालय परिसर में ट्रेप कार्रवाई की। इस दौरान हरीश सिंगौर को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
लोकायुक्त टीम द्वारा आरोपितों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(बी), 13(2) एवं बीएनएस की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में लोकायुक्त जबलपुर की ट्रेप लीडिंग अधिकारी निरीक्षक शशिकला मुस्कुले, निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित लोकायुक्त दल शामिल रहा।
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