
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंडला। मंडला के बहुचर्चित डबल मनी प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर कम समय में जमा पूंजी दोगुनी कर लौटाने का लालच देकर लोगों से निवेश कराने और धोखाधड़ी करने का आरोप है।
मामले में अब तक लगभग 1.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी संबंधी शिकायतें पुलिस को प्राप्त हुई हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 32 लाख रुपये सहित करीब 66.50 लाख रुपये का माल जब्त किया है।
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया।
टीमों ने आरोपियों की तलाश में नागपुर, गोंदिया, मुंबई और बालाघाट सहित विभिन्न स्थानों पर पतासाजी की। इसके बाद गोंदिया, बालाघाट और मंडला में दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपियों लोगों को कम समय में राशि दोगुनी करके वापस करने का लालच देते थे। इस तरह लोगों से जमा पूंजी निवेश कराने की शिकायतें पुलिस को मिली हैं। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर निवेशकों की पहचान, उनसे प्राप्त राशि और आपसी वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने राजिक कुरैशी (31), निवासी वैहर रोड, मक्का मस्जिद के पास, बालाघाट, मोहसिन उर्फ समीम खान (32), निवासी इलाही चौक, स्वामी सीताराम वार्ड, मंडला, अब्दुल समीर शेख (30), निवासी मास्टर कॉलोनी, गोंदिया, रासिद खान (36), निवासी राजीव कॉलोनी, देवदरा, मंडला, साजिद खान (40), निवासी राजीव कॉलोनी, देवदरा, मंडला और इमरान शेख (26), निवासी मास्टर कॉलोनी, गोंदिया को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों से 32 लाख रुपये नकद, तीन स्कूटी करीब 3.50 लाख की, मारुति ब्रेजा कार करीब 10 लाख रुपये, हुंडई अल्काजार कार करीब 20 लाख रुपये और एक मोबाइल फोन करीब 50 हजार रुपये कीमत का जब्त किया गया है। कुल जब्त माल की अनुमानित कीमत 66.50 लाख रुपये बताई गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि हुंडई अल्काजार कार पहले गिरवी रखी हुई थी। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने कथित रूप से धोखाधड़ी से प्राप्त राशि में से 11 लाख रुपये नकद देकर कार छुड़ाई थी। धोखाधड़ी से प्राप्त राशि का उपयोग कार, स्कूटी और मोबाइल फोन खरीदने में किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
मुख्य आरोपी राजिक कुरैशी के विरुद्ध महाराष्ट्र के नागपुर जिले के नंदनवन थाने में भी धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध होना सामने आया है। पुलिस के अनुसार उक्त मामले में वह जमानत पर चल रहा है।
कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान, निरीक्षक संजीव उइके, ओपी रावत, आनंद बागवान, सहायक उपनिरीक्षक भूमेश्वर बामनकर, माया राम धुर्वे, प्रधान आरक्षक रविंद्र परते, प्रीतम उइके तथा आरक्षक मृदुल, रमेश, प्रियांश, यमुना प्रसाद, जगदीश आदर्श और सुरेश भटेरे की भूमिका रही।
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