मंडला में भुआ बिछिया नगर के तहसील कार्यालय के पास बाघ की दस्तक ... क्षेत्र में दहशत का माहौल
बाघ और खेतों में खड़ी धान की फसल का एक सा रंग होने से पकड़ने वन विभाग के अमला के हाथ खाली है। देर शाम तक बाघ खोजने का प्रयास वन अमला करता रहा। शाम को ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 04 Nov 2024 01:55:35 PM (IST)Updated Date: Mon, 04 Nov 2024 01:55:35 PM (IST)
भुआबिछिया में नेशनल हाइवे से लगे खेत में विचरण करता बाघ: नईदुनियाHighLights
- वार्ड नंबर 13 व जंतीपुर मोहल्ला में देखा गया।
- स्वछंद विचरण करते पाने से नागरिक भय में।
- वन विभाग की टीम सर्च ऑपरेशन चला रहा है।
नईदुनिया,भुआबिछिया/मंडला (Mandla News)। रविवार सुबह नगर के वार्ड नं 13 में बिछिया जलाशय के समीप बस्ती के अंदर बाघ को देखा गया।जिसे स्वछंद विचरण करते पाए जाने से नागरिक भय में हैं। देखते ही देखते आसपास के खेतों, रास्ता में बाघ का दीदार करने उमड़ पड़े। वन विभाग की टीम के द्वारा सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है।
तहसील कार्यालय के पास देखा गया बाघ
शाम को जहां वन अमला की टीम लौट चुकी थी। वहीं देर शाम को फिर बाघ देखे जाने की जानकारी लोगों को लगी। भुआबिछिया में नेशनल हाइवे से लगा हुआ गया प्रसाद ठाकुर के घर के पीछे बाघ को देखा गया। जो कि तहसील कार्यालय से काफी नजदीक 200 मीटर के पास था। लोगों ने बाघ को वहां से भगाने के लिए पटाखे फोड़े। जिससे बाघ एक बार फिर धान के खेतों में घुस गया। वन विभाग का अमला नहीं है,जिसके चलते खौफ व दहशत का माहौल है।
बड़ी संख्या में लोग बाघ के दीदार करने डटे रहे
जैसे ही लोगों को जानकारी लगी कि वार्ड नंबर 13 में बाघ दिखाई दिया है। लोग धीरे धीरे उस वार्ड में पहुंचने लगे,जिस ओर बाघ दिखाई दिया था। इस दौरान वन विभाग की टीम को भी खबर दे दी गई थी। जिससे विभाग की टीम भी पहुंचकर लोगों को सतर्कता बरतने की समझाईश दे रही थी। वहीं बाघ को तलाश करने का प्रयास किया जा रहा था।
शाम होते ही दरवाजे हो गए बंद, भए के साये में लोग
बाघ की जानकारी सुबह से ग्रामीणों को हो जाने से दहशत का माहौल वार्ड नंबर 13 व जंतीपुर मोहल्ला में है। जिसके चलते शाम होते ही जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र के वार्ड में घरों के दरवाजे लग गए। पूरा मोहल्ला सूनसान दिखाई दे रहा था। बाघ की दहशत लोगों में हैं और वे डर के चलते अपने घरों में शाम से ही कैद हो गए।
ग्रामीण महिलाए खेत में कटाई भी करती रही
बाघ की एक ओर जहां दहशत लोगों में हो गई थी, वहीं दूसरी ओर कुछ साहसी महिलाएं भी थीं। जो उसी क्षेत्र में धान की फसल कटाई कर रही थी। कुछ अपने साथ बच्चे भी रखी हुई थी। जो पीठ में कपड़े से बच्चे को बांधकर फसल कटाई कर रही थी, जिन्हें काेई रोकने टोकने वाला भी नहीं था।