
नईदुनिया न्यूज, भानपुरा (मंदसौर) : शनिवार शाम को गरोठ-भानपुरा मार्ग पर स्थित श्री दूधाखेड़ी माताजी मंदिर द्वार से मंदिर वाले मार्ग पर दर्दनाक घटना हो गई। यहां ग्राम असावती से चूनर यात्रा में आए एक छह वर्षीय बालक को गेहूं से भरे ट्रॉले के चालक ने कुचल दिया। पिछले पहिये में आने से बालक की मौके पर ही मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक में तोड़-फोड़ कर आग लगा दी। बाद में काफी देर तक ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर चक्काजाम भी कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार शामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम असावती से चूनर यात्रा लेकर ग्रामीण श्री दुधाखेड़ी माताजी मंदिर आए थे। माताजी को चुनर चढ़ाकर सभी वापस लौट रहे थे। ग्रामीणों के साथ ही असावती के पूर्व सरपंच का पौता छह वर्षीय कार्तिक उर्फ पिंटू भी था।
इसी दौरान शाम लगभग 5:30 बजे भवानीमंडी (राज.) की तरफ से गेहूं से भरा ट्रॉला गरोठ-भानपुरा रोड पर स्थित श्री दूधाखेड़ी माताजी के गेट की तरफ आ रहा था। तभी रास्ते में ट्रॉला (आरजे 09 जीबी 9035) चालक ने पिंटू को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रॉले के पहिये के नीचे दबने बालक की मौके पर ही मौत हो गई।
बालक की मौत के बाद वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीण नाराज हो गए। लोगों का आक्रोश देख चालक भाग गया। इसके बाद ग्रामीणों ने ट्रक में तोड़-फोड़ कर आग लगा दी। कुछ ही देर में ट्रक का केबिन सहित पीछे भरा गेहूं धू-धू कर जल गया। ग्रामीणों का आक्रोश इससे भी शांत नहीं हुआ और उनहोंने गरोठ-भानपुरा मार्ग पर भी चक्काजाम कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश भी दी। लगभग दो घंटे तक हंगामा चलता रहा।
ग्रामीणों ने बताया कि नवरात्र के दौरान दूधाखेड़ी माताजी मंदिर पर लाखो श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसके चलते अभी भवानीमंडी से व्हाया दूधाखेड़ी गरोठ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगी है। पुलिसकर्मी भी मार्ग पर पर्याप्त संख्या़ में तैनात है। इसके बाद भी शनिवार शाम को भारी भीड़ के बीच भी ट्राला चालक भवानीमंडी की तरफ से दूधाखेड़ी माताजी मंदिर के बाहर से होकर गरोठ-भानपुरा रोड की तरफ कैसे आ गया। इसके जिम्मेेदारों पर भी कार्रवाई होना चाहिए।