
नईदुनिया न्यूज, मल्हारगढ़ (मंदसौर)। रेल रोको संघर्ष समिति द्वारा नगर में ट्रेनों के ठहराव एवं रेल सुविधाओं के विस्तार की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी है। एक माह पहले डीआरएम के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद भी रेल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
इसके विरोध में अब 27 सितंबर को समिति ने नगर बंद का आह्वान किया है। अपरान्ह 3 बजे बस स्टैंड से बाइक रैली निकालकर रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे। यहां एक बार फिर रेल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
रेल रोको संघर्ष समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि आंदोलन को मल्हारगढ़ तहसील की तीन नगर परिषदों, कई ग्राम पंचायतों के सरपंचों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने समर्थन पत्र देकर मांगों को जायज बताया था। इन समर्थन पत्रों को भी समिति द्वारा 23 अगस्त को डीआरएम को सौंपे गए ज्ञापन के साथ प्रस्तुत किया गया था।
समिति का कहना है कि इसके बावजूद अब तक मांगों पर निर्णय नहीं हुआ है। मल्हारगढ़ में इंदौर-असारवा एक्सप्रेस का ठहराव समिति की प्रमुख मांग है। क्षेत्र के कई मरीज गंभीर उपचार के लिए अहमदाबाद जाते हैं। ट्रेन का स्टापेज नहीं होने से यात्रियों को बस या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है इससे अतिरिक्त खर्च और समय दोनों बढ़ते हैं।
विद्यार्थी, व्यापारी, नौकरीपेशा और आम नागरिक भी अन्य शहरों के आवागमन के लिए रेल सुविधा चाहते हैं। इसके अलावा चित्तौड़गढ़-उज्जैन ट्रेन के ठहराव की मांग भी की जा रही है। ट्रेन मल्हारगढ़ से गुजरती है, लेकिन स्टापेज नहीं होने से उज्जैन महाकाल जाने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। जयपुर-भोपाल-जयपुर ट्रेन सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग भी उठाई जा रही है।
मल्हारगढ़ तहसील मुख्यालय है और इससे मंदसौर-नीमच एवं प्रतापगढ़ जिले के 150 गांव जुड़े हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रमुख ट्रेनों के ठहराव से मरीजों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। ट्रेनों के ठहराव को लेकर स्थानीय विधायक उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और सांसद सुधीर गुप्ता को भी पत्र दिए जा चुके हैं। उसके बाद भी एक माह बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अब नगर बंद के माध्यम से आंदोलन को चरणबद्ध किया जाएगा।