
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर। मादक पदार्थों की तस्करी का प्रमुख केंद्र मंदसौर जिला अब सिंथेटिक दूध बनाने की फैक्ट्रियों का भी केंद्र बन रहा है। चंबल पार वाले क्षेत्र में अभी तक नकली दूध बनाने की तीन फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी है।
ताजा मामला रविवार का है सुवासरा थाने के ग्राम खेजडि़या भूप में एक बाड़े में चल रहे सिंथेटिक दूध की फैक्ट्री पर पुलिस की टीम ने छापामार कार्रवाई की है। यहां से पुलिस को भारी मात्रा में सिंथेटिक दूध तैयार करने की सामग्री मिली है। इसमें दूध पाउडर के कट्टे, रासायनिक पदार्थ, पाम आयल, डिटर्जेंट सहित अन्य, सामग्री एवं उपकरण शामिल है।

फैक्ट्री में कार्रवाई करती पुलिस टीम व अधिकारी। -नईदुनिया
पुलिस का मानना हे कि उपलब्धि सामग्री से लगभग 1 हजार लीटर सिंथेटिक दूध तैयार किया जा सकता था। अभी मौके से कुछ आरोपितों को हिरासत में भी लिया है।
एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि रविवार को सूचना मिलने के बाद सुवासरा थाना प्रभारी सहित पूरी टीम ने ग्राम खेजडि़या भूप में एक घर के पीछे बने बाड़े में छापामार कार्रवाई की। वहां से सिंथेटिक दूध तैयार कर दूर-दूर तक सप्लाई करने की सूचना प्राप्त हुई थी।
कार्रवाई के दौरान मौके से दूध पाउडर के कट्टे, हानिकारक केमिकल, पाम आयल के डिब्बे , डिटर्जेंट, मिक्सर एवं नकली दूध तैयार करने में प्रयुक्त अन्य उपकरण बरामद किए हैं। अभी इनकी मात्रा का आंकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल नकली दूध तैयार करने में किया जा रहा था।
केमिकल एवं अन्य मिलावटी पदार्थों से तैयार नकली दूध को आसपास के क्षेत्रों में सप्लाय किए जाने की आशंका है। इस तरह का कारोबार आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। पुलिस ने आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही नकली दूध के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने कुछ माह पहले ही गरोठ क्षेत्र के कोटड़ा बुजुर्ग व चचावदा चकोटिया में छापामार कार्रवाई कर सिंथेटिक दूध तैयार करने की फैक्ट्रीु पर कार्रवाई की थी। गांधीसागर जलाशय के डूब क्षेत्र में स्थित ग्राम चचावदा चोकटिया में एक बाड़े में सिंथेटिक दूध बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री कास्टिक सोड़ा, यूरिया, केमिकल, दूध पाउडर सहित अन्य सामग्री जब्त की थी।
मौके पर लगभग 700 लीटर दूध का स्टाक भी मिला था। वहीं यहां मिली सामग्री से लगभग 25 हजार लीटर दूध बनाया जा सकता था। मौके से आगरा का निवासी युवक मनीष पुत्र बैजनाथ मिला था जो खुद को केमिस्ट बता रहा था और गांव में ही दिनेश पुत्र मोतीलाल गुर्जर बाड़े को किराये पर लेकर यह फैक्ट्री चला रहा था।
इससे पहले शामगढ़ व गरोठ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कोटड़ा बुजुर्ग में भी एक डेयरी से 2000 लीटर दूध, 200 लीटर केमिकल व दूध के पावडर जैसा पदार्थ मिला था। प्रारंभिक रिपोर्ट में नमूना फेल हो गया था और उसे मानव उपयोग के लिए ठीक नहीं बताया गया था इसके बाद अधिकारियों के आदेश पर वहां सील कर रखा हुआ 2000 लीटर दूध नष्ट कर दिया गया था।