
नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर : मप्र सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक 18 नवंबर को गांधीसागर में होगी। सरकार द्वारा बताया गया है कि इस कैबिनेट बैठक में किसान कल्याण, उद्योग, उर्जा एवं औद्योगिक विकास से जुड़े निर्णयों पर विशेष फोकस रहेगा।
इससे मूलत: कृषि प्रधान मंदसौर जिले के लोगों को भी उम्मीद बंधी है कि बैठक के माध्यम से जिले में औद्योगिक विकास की राह खुल सकती है। अभी मंदसौर जिले में पांच औद्योगिक क्षेत्र तो विकसित हो रहे हैं पर बड़े उद्योग नहीं लग पा रहे हैं। इससे के चलते मंदसौर जिला पिछड़ा ही है।
गांधीसागर में होने वाली मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। गांधीसागर में आकर्षक सजावट की जा रही है। बैठक स्थल भी तय किया गया है। कलेक्टर दिव्यांंक सिंह और एसपी विनोद कुमार मीना ने अधिकारियों के साथ गांधीसागर का दौरा भी कर लिया है और सभी अधिकारियों को काम सौंप दिया है।
मंदसौर जिले के इतिहास में पहली बार हो रही प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हो रही है इसको लेकर राजनीतिक दलों के साथ ही आमजन में विशेष उत्साह है। क्योंकि मुख्यमंत्री के साथ ही सभी कैबिनेट मंत्री भी गांधीसागर आएंगे। इससे जिले में सभी विभागों में कुछ न कुछ मिलने की उम्मीेद बन रही है।
मंदसौर जिला राजनीतिक रुप से काफी जागरुक है लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। इस बैठक का मुख्य फोकस भी उद्योग व उर्जा विकास रहेगा। यह बात भी सही है कि मंदसौर जिले में बड़े उद्योग नहीं लग पा रहे हैं। जबकि पड़ोसी नीमच जिले में अनेक बड़े उद्योग लग गए है।
प्रस्तावित बैठक से मंदसौर जिले के नागरिकों को यह उम्मीद बंधी है कि यहां भी बड़े उद्योग से विकास की राह खुलेगी। मंदसौर में ही दो बड़े उद्योग बंद हो गए है। बड़े उद्योगों को लेकर मंदसौर में कोई ठोस प्रयत्न भी नहीं हो रहे हैं। हालांकि एमपीआईडीसी का दावा है कि मंदसौर जिले का औद्योगिकरण हो रहा है।
पांच औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित किए है। 180 करोड़ का नया निवेश प्राप्त हुआ है। लेकिन वास्तविकता यह है कि मंदसौर जिला औद्योगिक रुप से काफी पिछड़ा हुआ माना जाता है। मेगा फूड पार्क का प्रोजेक्ट मंदसौर जिले के हाथ से निकल गया है। ऐसे में औद्योगीकरण की संभावनाओं को भी खोजना होगा। राज्य सरकार के एजेंडे में भी मप्र का औद्योगिक विकास प्राथमिकता है। अभ्यूदय मंदसौर के संकल्प का दावा भी किया जा रहा है।
मंदसौर जिले में फूड प्रोसेसिंग एवं पोस्ट हार्वेस्टिंग की अपार संभावना है। अर्थात उद्यानिकी एवं मसाला उद्योग खोले जा सकते हैं। क्योंकि इस क्षेत्र में कच्चा माल उपलब्ध है। कृषि उत्पादन भी अच्छा माना जाता है। मंदसौर जिले में पांच औद्योगिक गए क्षेत्र विकसित किए गए है।
यह दावा भी किया जा रहा है कि पिछले दो वर्षों में मदंसौर जिले में 20 नवीन औद्योगिक इकाईयों की स्थापना की गई है। सन 2017 में टेक्सटाइल उद्योग मंदसौर लाने के लिए पहल हुई थी। क्योंकि मंदसौर जिले में पानी की पर्याप्त उपलब्धता है।
तत्कालीन कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह ने भी बताया था कि मंदसौर जिले में टेक्सटाइल मिल लगाई जा सकती है। उम्मीद है कि बैठक के माध्यम से मंदसौर को नए उद्योग मिलेंगे। औद्योगिक विकास की रफ्तार भी तेज होगी। वर्तमान औद्योगिक संभावनाएं खोजी जा रही है। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। बड़े उद्योग आने पर ही मंदसौर में औद्योगिक दिशा को रफ्तार मिलेगी।